बिहार में एक महीने में 8,681 बच्चे लापता हुए : तेजस्वी यादव

बिहार में एक महीने में 8,681 बच्चे लापता हुए : तेजस्वी यादव

बिहार में एक महीने में 8,681 बच्चे लापता हुए : तेजस्वी यादव
Modified Date: May 25, 2026 / 08:41 pm IST
Published Date: May 25, 2026 8:41 pm IST

पटना, 25 मई (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को दावा किया कि बिहार में पिछले एक महीने के दौरान 8,681 बच्चे लापता हुए हैं, जिनमें अधिकांश लड़कियां हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई है, जिससे महिलाएं, बच्चे और आम नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति इस हद तक बिगड़ चुकी है कि पिछले एक महीने में राज्य से 8,681 बच्चे लापता हो चुके हैं, जिनमें 85 प्रतिशत लड़कियां हैं। राज्य में दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।”

उन्होंने मुख्यमंत्री का नाम लिए बिना उन्हें ‘बयान बहादुर’ करार देते हुए कहा कि वह इस भ्रम में हैं कि केवल बयानबाजी से राज्य चलाया जा सकता है।

राजद नेता ने कहा, “बिहार में दिनदहाड़े लूट, हत्या और चोरी की घटनाएं आम हो गई हैं, लेकिन बेबस मुख्यमंत्री, जिन्होंने जीवन में कई बार अपनी राजनीतिक दिशा बदली है, अपने ‘एआई तकनीक से लैस कैमरों’ के जरिए अपराधियों की पहचान करने में सक्षम नहीं हैं। कृत्रिम बातों में माहिर कृत्रिम मुख्यमंत्री को न बिहार की चिंता है और न ही बिहारवासियों की।”

तेजस्वी का यह बयान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उस विवादित टिप्पणी के संदर्भ में माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एआई आधारित कैमरे अपराधियों के “हरे गमछे” की पहचान कर लेंगे। हरा गमछा अक्सर राजद समर्थकों से जोड़ा जाता है।

यादव ने ‘नारी 2025 रिपोर्ट’ का हवाला देते हुए दावा किया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से पटना देश का सबसे असुरक्षित शहर है।

उन्होंने कहा, “बिहार के विभिन्न जिलों से छात्राएं पढ़ाई के लिए पटना आती हैं, लेकिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासन में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की स्थिति बेहद चिंताजनक है।”

राजद नेता ने आरोप लगाया कि अपराधियों पर पुलिस का भय पूरी तरह समाप्त हो चुका है और “अपराधियों के सम्राट” की सरकार में केवल संवादबाजी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि अपराधियों को पाताल से ढूंढ निकालने का दावा करने वाली सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है।

भाषा

कैलाश रवि कांत


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