पटना, 26 सितंबर (भाषा) बिहार के जमुई जिले में कुछ दिन पहले एक समूह के कथित छेड़छाड़ की पीड़िता और उसके मित्र के कृत्रिम मेधा (एआई) निर्मित वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
बयान के अनुसार, ‘किशोरी कुमार यादव’ यूजर आईडी से अपलोड किए गए वीडियो ‘भ्रामक और फर्जी’ थे।
शुक्रवार रात जारी बयान में जमुई पुलिस ने कहा कि ऐसे वीडियो क्लिप अपलोड करने से ‘‘लड़की की पहचान उजागर हुई और इससे सामाजिक सद्भाव पर असर पड़ सकता है।’’
पुलिस ने बताया कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम और आईटी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत साइबर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।
लड़की और उसका पुरुष मित्र एक ही कोचिंग संस्थान में पढ़ते थे। 19 सितंबर की शाम एक समूह ने दोनों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया था। दो दिन बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक होने के बाद घटना का पता चला।
पुलिस ने बताया कि मामले में तीन नाबालिग आरोपियों को पकड़ा गया और उन्हें किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। वहीं दो अन्य आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया।
भाषा
शोभना रंजन
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