पटना, 25 सितंबर (भाषा) बिहार के जमुई एवं समस्तीपुर में सामने आए छेड़छाड़ के मामलों के बाद अब बांका जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मंदर हिल का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें एक युवती के साथ कुछ युवकों द्वारा अभद्रता किए जाने का दावा किया गया है।
जिला पुलिस द्वारा जारी बयान के अनुसार, बौंसी थाना पुलिस ने 22 सितंबर को व्हाट्सएप के माध्यम से प्राप्त वीडियो का संज्ञान लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह वीडियो तीन जून का प्रतीत होता है और मामले की जांच जारी है।
यह कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। हालांकि, ‘पीटीआई-भाषा’ इसकी प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।
बौंसी थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता अपने दो मित्रों के साथ मंदिर हिल घूमने गई थी। आरोप है कि वहां तीन युवकों ने उनके साथ गाली-गलौज की, धमकाया और युवती के साथ अशोभनीय व्यवहार किया।
प्राथमिकी के मुताबिक, आरोपियों में शामिल अब्दुल्ला ने पीड़िता के एक मित्र के खाते से ऑनलाइन 1,500 रुपये भी ट्रांसफर कराए, जिसके बाद उन्हें वहां से जाने दिया गया।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान अब्दुल्ला, नीतीश कुमार राय और विकास कुमार के रूप में की है। अधिकारियों के अनुसार, तीनों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाया गया है। साथ ही, कथित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने तथा पीड़िता की पहचान उजागर करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब हाल के दिनों में जमुई में एक किशोरी से कथित छेड़छाड़ और समस्तीपुर में वायरल वीडियो के बाद चार लोगों की गिरफ्तारी के बाद राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने जमुई, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और बांका में लड़कियों के साथ कथित छेड़छाड़ की घटनाओं को “शर्मनाक और बेहद चिंताजनक” बताया।
उन्होंने कहा, “ऐसी घटनाएं हमारी मौजूदगी में हो रही हैं। हमें इतनी शर्म आनी चाहिए कि जमीन में समा जाने का मन करे।”
पासवान ने कहा कि केवल गिरफ्तारी या मुठभेड़ से समस्या का समाधान नहीं होगा और जिन अधिकारियों के क्षेत्र में ऐसी घटनाएं हुईं, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन इन घटनाओं पर अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकते।
उधर, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भी राज्य सरकार पर हमला बोला। राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि जमुई और समस्तीपुर के बाद बांका की घटना राज्य में कानून-व्यवस्था के पतन को दर्शाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आपराधिक मामलों में आरोपियों की जातीय और सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर प्रशासन का रवैया प्रभावित होता है। तेजस्वी ने बांका के आरोपियों की गिरफ्तारी, जमुई मामले के पांच फरार आरोपियों की स्थिति और समस्तीपुर में गिरफ्तार चार आरोपियों के खिलाफ हुई कार्रवाई का ब्यौरा भी मांगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तंज कसते हुए पूछा, “क्या मुख्यमंत्री जवाब देने से पहले केवल उनकी रील और जाति देखेंगे?”
भाषा कैलाश मनीषा रंजन
रंजन