लालू से मुलाकात के बाद गहलोत ने कहा: सभी मुद्दे सुलझा लिए जाएंगे
लालू से मुलाकात के बाद गहलोत ने कहा: सभी मुद्दे सुलझा लिए जाएंगे
पटना, 22 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने महागठबंधन में गतिरोध खत्म करने के प्रयास के तहत बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद से मुलाकात की और उम्मीद जताई कि नामांकन वापसी की अंतिम तिथि तक सभी मुद्दे सुलझा लिए जाएंगे।
उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद के लिए राजद नेता तेजस्वी यादव के नाम घोषणा से जुड़े सवाल का जवाब देने से बचने की भी कोशिश की।
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें गठबंधन सहयोगी के साथ सीट बंटवारे को लेकर उत्पन्न तनाव को दूर करने का जिम्मा सौंपा है। सीट बंटवारे पर पूरी तरह सहमति नहीं बनने से बिहार में विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन को असमंजस की स्थिति में डाल दिया है।
बैठक के बाद गहलोत ने कहा कि महाराष्ट्र जैसे अहम राज्य में हार के बाद बिहार का चुनाव विपक्षी गठबंधन के लिए “बेहद महत्वपूर्ण” है। हालांकि, जब उनसे यह पूछा गया कि क्या कांग्रेस राजद नेता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने के लिए तैयार है, तो उन्होंने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा, “आप मुझसे इस तरह की घोषणा क्यों करवाना चाहते हैं?”
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “आपने दो महीने पहले ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान (कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष) राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की ‘कैमिस्ट्री’ देखी थी, जब दोनों नेताओं ने राज्य भर में साथ यात्रा की थी। वे उपयुक्त समय पर उपयुक्त निर्णय लेंगे।”
माना जा रहा है कि कांग्रेस की ओर से तेजस्वी यादव को औपचारिक समर्थन न मिलने से राजद में असंतोष है। हालांकि वह “तेजस्वी सरकार” के नारे के साथ चुनावी अभियान चला रहे हैं।
बिहार की कुल 243 विधानसभा सीटों में से राजद 143 और कांग्रेस 61 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। हालांकि, कम से कम पांच सीटों पर दोनों दलों के बीच ‘दोस्ताना मुकाबला’ होने जा रहा है। वहीं, तीन सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी गठबंधन सहयोगी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) से भी मुकाबला करेंगे।
गहलोत ने पटना हवाई अड्डे पर आगमन के समय कहा था कि “पांच-दस सीटों पर दोस्ताना मुकाबला कोई बड़ी बात नहीं है।”
लालू प्रसाद से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि नामांकन वापसी की अंतिम तिथि तक सभी मुद्दे सुलझा लिए जाएंगे।”
हालांकि, इनमें से पांच सीटें पहले चरण के चुनाव में आती हैं, जिनके लिए नाम वापसी की समय सीमा सोमवार को समाप्त हो चुकी है।
गहलोत के साथ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू भी मौजूद थे। राज्य के कुछ कांग्रेस नेता उन्हें मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह गंभीर है।
उन्होंने कहा, “हमारे लिए यह चुनाव बेहद अहम है, खासकर महाराष्ट्र में हार के बाद। बिहार का चुनाव राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करेगा। यह जरूरी है कि समाज को विभाजित करने वाले और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को यहां झटका लगे। बिहार की जनता समझदार है और इसका फैसला करेगी।”
जब यह पूछा गया कि कांग्रेस, राजद और वाम दल वाले महागठबंधन ने अब तक कोई संयुक्त संवाददाता सम्मेलन नहीं किया है, तो गहलोत और अल्लावरू ने एक स्वर में कहा, “संयुक्त संवाददाता सम्मेलन कल होगा।”
गहलोत ने यह भी आरोप लगाया, “राजग में मचा उथल-पुथल हमारी तुलना में कहीं ज्यादा है, लेकिन मीडिया सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर झुकाव रखने के कारण उसे उजागर नहीं करता।”
बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में छह और 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी।
भाषा कैलाश नोमान हक
हक

Facebook


