बांकीपुर का परिणाम सत्तारूढ़ दल के लिए बड़ा संदेश, बिहार को बेहतर नेतृत्व की जरूरत : प्रशांत किशोर
बांकीपुर का परिणाम सत्तारूढ़ दल के लिए बड़ा संदेश, बिहार को बेहतर नेतृत्व की जरूरत : प्रशांत किशोर
पटना, तीन अगस्त (भाषा) जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला करते हुए सोमवार को कहा कि बांकीपुर की जनता ने सत्तारूढ़ दल को स्पष्ट संदेश दिया है और तीन दशक से कायम उसका राजनीतिक गढ़ महज 30 दिनों के चुनाव अभियान में ढह गया।
किशोर ने उपचुनाव में अपनी जीत के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह चुनाव केवल स्थानीय मुद्दों, जैसे नाली-गली पर नहीं बल्कि एक बड़े संदेश के साथ लड़ा गया था। उन्होंने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व, विशेषकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नाम लेते हुए कहा कि बिहार को एक अच्छे मुख्यमंत्री की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान नेतृत्व को राज्य की जनता पसंद नहीं कर रही है।
किशोर ने कहा, ‘‘सम्राट चौधरी की जगह किसी अन्य योग्य व्यक्ति को यह जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। सम्राट चौधरी के चाल, चरित्र और चेहरे का ब्योरा पहले से ही सार्वजनिक है।’’
जन सुराज प्रमुख ने कहा कि बिहार के लोगों को अब केवल चार-पांच किलोग्राम अनाज नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर आय और रोजगार की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘बांकीपुर में मेरे विधायक बन जाने से यह क्षेत्र रातोंरात बेंगलुरु नहीं बन जाएगा, लेकिन अगले दो-तीन महीनों में बदलाव जरूर दिखाई देगा। गुजरात के लोगों को जैसी सुविधाएं मिलती हैं, वैसी ही सुविधाएं बिहार के लोगों को भी मिलनी चाहिए। केंद्र और राज्य सरकार को यह समझना होगा कि यदि वे जनता की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरेंगे तो इसका असर आगे के चुनावों में भी दिखाई देगा।’’
किशोर ने कहा कि बिहार के लिए ऐसा विकास रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए, जिससे राज्य से पलायन हमेशा के लिए रुक सके और किसी युवा को 10 से 15 हजार रुपये की नौकरी के लिए अपना घर छोड़ने को मजबूर नहीं होना पड़े।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य दूसरे राज्यों में रह रहे करोड़ों बिहारियों के लिए राज्य में ही सम्मानजनक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने राज्य पर गर्व कर सकें।
जन सुराज प्रमुख किशोर ने बांकीपुर के मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक उपचुनाव के परिणाम से राज्य सरकार नहीं बदलती, लेकिन यह सत्तारूढ़ दल के लिए बड़ा सबक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन्होंने जन सुराज के पक्ष में मतदान नहीं किया है, उनका भी विश्वास विकास कार्यों के माध्यम से जीतने का प्रयास किया जाएगा।
भाषा कैलाश अमित
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