Bharat Tiwari Encounter Case/Image Credit: X Handle
Bharat Tiwari Encounter Case: पटना: बिहार के भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में एक नया ट्विस्ट आया है। मृतक भरत तिवारी की मां आशा देवी ने भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। आशा देवी ने दावा किया जय कि, एसपी उनके घर पहुंचे और परिवार पर मामले को दबाने का दबाव बनाया। मीडिया से बातचीत में आशा देवी ने कहा कि घटना के आठ दिन बाद एसपी उनके घर आए. बिना महिला पुलिसकर्मी के घर पहुंचे एसपी ने परिवार से कहा कि अब इस मामले को यहीं खत्म कर दीजिए और मीडिया में ज्यादा बयानबाजी मत कीजिए. यदि ऐसा नहीं किया तो बेटे की तरह मरवा देंगे।
इतना ही नई आशा देवी ने आरोप लगाया कि, एसपी ने उनसे बात करने के बाद उनके छोटे बेटे चंदन तिवारी को अलग ले जाकर कहा कि भरत अपराधी था। (Bharat Tiwari Encounter Case) उसने थानेदार पर बंदूक तानी थी, इसलिए उसे मार दिया गया। इतना ही नहीं, चंदन को यह भी कहा गया कि अगर वह भी इसी तरह बोलता रहा तो उसका भी भरत जैसा हाल कर दिया जाएगा।
#WATCH | Alleged police encounter of 28-year-old Bharat Bhushan Tiwari | Bhojpur, Bihar: Asha Devi, mother of the deceased, says, “I don’t trust the SP. It was he who gave the order (for encounter). DM ordered SP and then this happened… We demand justice, we will approach the… pic.twitter.com/lsFucKaFPx
— ANI (@ANI) June 27, 2026
Bharat Tiwari Encounter Case: वहीं इस पूरे मामले में एसपी मिस्टर राज ने कहा कि ये सभी आरोप बेबुनियाद है। पुलिस इस न्यायिक जांच में सहयोग कर पूरे तथ्यों को सही तरीके से जांच-पड़ताल में सहयोग कर रही है।
इतना ही नहीं भरत की मां ने प्रदेश सरकार को भी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इंसाफ नहीं मिलने पर इसकी जवाबदेही सरकार की होगी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी जवाब देना पड़ेगा। (Bharat Tiwari Encounter Case) वहीं दूसरी तरफ भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच पहले से जारी है। परिजन लगातार इसे फर्जी मुठभेड़ बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
भरत तिवारी एनकाउंटर केस में जगदीशपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), शाहपुर थाना अध्यक्ष समेत एनकाउंटर में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ शाहपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई। यह कार्रवाई एनकाउंटर को लेकर उठे सवालों और परिजनों की शिकायत के आधार पर की गई।
Bharat Tiwari Encounter Case: आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, भोजपुर के बेलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत हो गई थी और इसके बाद से ही ये मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। परिजनों के गंभीर आरोप, फेसबुक लाइव का वायरल वीडियो और नेताओं की जांच की मांग ने इस पूरे मामले को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। (Bharat Tiwari Encounter Case) मृतक भरत तिवारी के परिजन दावा कर रहे हैं कि एनकाउंटर के दौरान वह फेसबुक पर लाइव था और पुलिस के सामने अपना हथियार फेंककर आत्मसमर्पण कर चुका था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर सरेंडर के बाद ऐसी क्या परिस्थिति बनी कि पुलिस को गोली चलानी पड़ी।
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