बिहार: किसानों की समस्याओं के समाधान को सुनिश्चित करने के लिए कृषि मंत्री ने की समीक्षा बैठक

Ads

बिहार: किसानों की समस्याओं के समाधान को सुनिश्चित करने के लिए कृषि मंत्री ने की समीक्षा बैठक

  •  
  • Publish Date - September 15, 2026 / 08:34 PM IST,
    Updated On - September 15, 2026 / 08:34 PM IST

पटना, 15 सितंबर (भाषा) बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार को किसानों की समस्याओं के समाधान व उनके कल्याण के लिए सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल के साथ समीक्षा बैठक की।

सिन्हा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “कृषि विभाग किसान रजिस्ट्री को ‘एग्री स्टैक’ के माध्यम से सुनिश्चित करने के लिए राजस्व विभाग के साथ मिलकर काम करेगा। साथ ही, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जैसी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सहकारिता विभाग के साथ समन्वय करेगा।”

उन्होंने बताया कि ‘एग्री स्टैक’ केंद्र सरकार की पहल है, जिसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र के लिए एक केंद्रीकृत डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है।

मंत्री ने कहा कि इसके तहत किसानों को आधार और भूमि अभिलेखों से जुड़ी विशिष्ट एवं डिजिटल रूप से सत्यापित किसान पहचान (फार्मर आईडी) उपलब्ध कराई जाती है।

सिन्हा ने कहा कि उनका विभाग कृषि क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान और राज्य के छोटे-बड़े किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के साथ लगातार संपर्क में है।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री जायसवाल ने कहा कि किसानों की शीघ्र पहचान करने और किसान रजिस्ट्री तथा ‘एग्री स्टैक’ के माध्यम से मजबूत सूची तैयार करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाई गई है।

उन्होंने कहा कि इससे किसानों को जल्द व्यापक लाभ मिल सकेगा।

रामकृपाल यादव ने धान खरीद और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन में सहकारिता विभाग की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका विभाग किसानों के कल्याण के लिए कृषि विभाग को हरसंभव सहयोग देगा।

उन्होंने कहा, “वर्तमान बाढ़ की स्थिति के मद्देनजर कृषि विभाग जिला-वार आकलन करेगा, ताकि किसानों को हर आवश्यक सहायता मिल सके। सहकारिता विभाग इस कार्य में कृषि विभाग के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।”

सिन्हा ने कहा कि किसानों के हित में काम करने के लिए वह अपने विभाग से जुड़े मंत्रालयों के साथ नियमित रूप से विचार-विमर्श करते रहेंगे।

भाषा कैलाश जितेंद्र

जितेंद्र