वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत बने रहने की संभावना: सीईए

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वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत बने रहने की संभावना: सीईए

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  • Publish Date - September 15, 2026 / 08:15 PM IST,
    Updated On - September 15, 2026 / 08:15 PM IST

नयी दिल्ली, 15 सितंबर (भाषा) मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने मंगलवार को कहा कि नए सिरे से उपजे भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक बॉण्ड प्रतिफल में तेजी के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के कमजोर पड़ने के बजाय मजबूत बने रहने की अधिक संभावना है।

उन्होंने यहां उद्योग मंडल एसोचैम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि बैंक ऋण की मजबूत वृद्धि, जीएसटी का बेहतर संग्रह तथा कॉरपोरेट और बैंकिंग क्षेत्र का मजबूत बही-खाता भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देता है।

नागेश्वरन ने कहा कि भारत ने फरवरी और जुलाई के बीच भू-राजनीतिक तनाव का सफलतापूर्वक सामना किया और अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर्ज की।

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सरकार राजकोषीय संयम और राजकोषीय स्थिरता के अपने रास्ते पर अडिग रही।

उन्होंने आगे कहा कि हालांकि ऐसी चिंताएं थीं कि वित्त वर्ष 2026-27 में भारत का राजकोषीय घाटा पांच प्रतिशत तक फिसल सकता है, लेकिन तेल और उर्वरक की कीमतों में गिरावट तथा सरकारी राजस्व में भारी सुधार ने केंद्र को यह भरोसा दिलाया है कि वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत के करीब रह सकता है।

उन्होंने निरंतर आर्थिक गति के प्रमाण के रूप में वाहन बिक्री, ई-वे बिल सृजन और निर्यात वृद्धि जैसे उच्च-आवृत्ति संकेतकों का भी हवाला दिया।

भाषा अजय पाण्डेय

अजय

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