पटना, दो फरवरी (भाषा) बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन कहा कि राज्य सरकार ने अगले पांच साल में राज्य की औसत प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।
राज्यपाल ने विधानमंडल के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने “दोगुना रोजगार और दोगुनी आय” का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके तहत वर्तमान में उपलब्ध 50 लाख रोजगार और अन्य आजीविका अवसरों को बढ़ाकर वर्ष 2030 तक एक करोड़ किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसी अवधि तक औसत प्रति व्यक्ति आय को भी दोगुना करने का लक्ष्य है।
सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने विधानसभा चुनावों के अपने घोषणा पत्र में “एक करोड़ रोजगार” का वादा किया था।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, वर्ष 2024-25 में बिहार की प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 76,490 रुपये रही, जो राष्ट्रीय औसत की तुलना में काफी कम है।
हालांकि, राज्य पिछले एक दशक से अधिक समय से 10 प्रतिशत से अधिक की विकास दर दर्ज कर रहा है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है।
राज्यपाल ने करीब 20 मिनट के अपने संबोधन में कहा कि ये लक्ष्य “सात निश्चय-03” के तहत तय किए गए हैं, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार की पांच वर्षीय विकास दृष्टि के तीसरे चरण को दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थापना सरकार की प्राथमिकता रही है, जिसके अनुरूप पुलिस बल की संख्या बढ़ाकर 1.31 लाख की गई है, जो 24 नवंबर 2005 से पहले काफी कम थी।
खान ने बताया कि थानों की संख्या 814 से बढ़ाकर 1,380 कर दी गई है और अब तक करीब 50 लाख लोग “डायल 112” आपात सेवा का लाभ उठा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द भी सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है।
राज्यपाल ने “न्याय के साथ विकास” के मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में लगातार काम कर रही है और वर्तमान में राज्य में ‘जीविका’ स्वयं सहायता समूहों से 1.40 करोड़ महिलाएं जुड़ी हुई हैं। उन्होंने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शुरू की गई मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का उल्लेख करते हुए कहा, “महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए 10,000 रुपये दिए गए हैं। जो महिलाएं इस राशि का सही उपयोग करेंगी, उन्हें प्रत्येक को दो लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी।”
राज्यपाल ने किसानों की आय में वृद्धि, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से 2.58 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की गई है और स्थानीय निकायों द्वारा नियुक्त 3.68 लाख गैर-आयोगित शिक्षकों को नियमित किया गया है।
खान ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रत्येक जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का निर्णय लिया गया है और वर्तमान में राज्य में 12 मेडिकल कॉलेज हैं।
राज्यपाल ने कहा कि अब लगभग हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलिटेक्निक संस्थान हैं, जिनमें से कई राष्ट्रीय स्तर के मानकों के हैं।
राज्यपाल ने बताया कि वर्तमान में राज्य के 1.14 करोड़ से अधिक लोगों को पेंशन का लाभ मिल रहा है और सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि में की गई बढ़ोतरी से लगभग 1.14 करोड़ लाभार्थियों को सीधा लाभ पहुंचा है।
भाषा कैलाश जितेंद्र
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