बिहार: जाति आधारित जनगणना का कार्य पूर्ण करने के लिए समय-सीमा बढ़ाने को मंजूरी

बिहार: जाति आधारित जनगणना का कार्य पूर्ण करने के लिए समय-सीमा बढ़ाने को मंजूरी

बिहार: जाति आधारित जनगणना का कार्य पूर्ण करने के लिए समय-सीमा बढ़ाने को मंजूरी
Modified Date: November 29, 2022 / 02:53 pm IST
Published Date: November 15, 2022 8:02 pm IST

पटना, 15 नवंबर (भाषा) बिहार में राज्य मंत्रिमंडल ने जाति आधारित जनगणना का कार्य पूर्ण करने के लिए निर्धारित समय-सीमा फरवरी, 2023 को विस्तारित करके मई, 2023 करने को मंगलवार को मंजूरी प्रदान कर दी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज सम्पन्न मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कैबिनेट सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ ने बताया कि मंत्रिमंडल ने जाति आधारित गणना का कार्य पूर्ण करने के लिए निर्धारित समय-सीमा फरवरी, 2023 को विस्तारित करके मई, 2023 करने को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य और बिहार में मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट बोर्ड की परीक्षाएँ संचालित होने से कर्मियों की अतिरिक्त जवाबदेही होगी। उन्होंने कहा कि इसलिए जाति आधारित जनगणना के कार्य की समयसीमा बढ़ाई गई है।

सिद्धार्थ ने बताया कि बिहार जाति आधारित जनगणना-2022 के लिए ऐप एवं पोर्टल निर्माण के लिए परियोजना में परामर्शी के चयन पर होने वाले कुल अनुमानित व्यय 2 करोड़, 44 लाख 94 हजार 440 रुपये बेल्ट्रॉन, पटना को भुगतान करने को मंत्रिमंडल द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।

उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल द्वारा खान एवं भूतत्व विभाग के अन्तर्गत पटना, भोजपुर, सारण तथा अन्य जिलान्तर्गत नदियों से अवैध बालू खनन/परिवहन पर अंकुश लगाने हेतु हाई स्पीड बोट एवं अन्य उपस्कर क्रय के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से पाँच करोड़ रुपये की अग्रिम स्वीकृति दी गई।

सिद्धार्थ ने बताया कि मंत्रिमंडल द्वारा पंचम् केन्द्रीय वेतनमान में वेतन/पेंशन प्राप्त कर रहे राज्य सरकार के सरकारी सेवकों/पेंशनभोगियों/पारिवारिक पेंशनभोगियों को एक जुलाई 2022 के प्रभाव से 381 प्रतिशत के स्थान पर 396 प्रतिशत महंगाई भत्ता/राहत की स्वीकृति दी गई।

उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल द्वारा षष्ठम् केन्द्रीय वेतनमान में वेतन/पेंशन प्राप्त कर रहे राज्य सरकार के सरकारी सेवकों/पेंशनभोगियों/ पारिवारिक पेंशनभोगियों को एक जुलाई 2022 के प्रभाव से 203 प्रतिशत के स्थान पर 212 प्रतिशत महंगाई भत्ता/राहत की स्वीकृति प्रदान की गई।

सिद्धार्थ ने बताया कि मंत्रिमंडल द्वारा मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग अन्तर्गत बिहार राज्य आकस्मिकता निधि से 25 करोड़ रुपये अग्रिम की राशि की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल द्वारा आज कुल 13 एजेंडों पर निर्णय लिए गए।

भाषा अनवर अर्पणा अमित

अमित


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