बिहार : कोचिंग संस्थान गोलीबारी मामले में खान सर और तीन कर्मचारियों को अग्रिम जमानत

बिहार : कोचिंग संस्थान गोलीबारी मामले में खान सर और तीन कर्मचारियों को अग्रिम जमानत

बिहार : कोचिंग संस्थान गोलीबारी मामले में खान सर और तीन कर्मचारियों को अग्रिम जमानत
Modified Date: July 13, 2026 / 09:04 pm IST
Published Date: July 13, 2026 9:04 pm IST

पटना, 13 जुलाई (भाषा) पटना की एक अदालत ने कोचिंग संस्थान में गोलीबारी के मामले में खान सर के नाम से मशहूर शिक्षक फैजल खान और उनके संस्थान के तीन कर्मचारियों को सोमवार को अग्रिम जमानत दे दी।

खान सर के अधिवक्ता ने यह जानकारी दी। यह मामला जून की शुरुआत में हुई उस गोलीबारी की घटना से जुड़ा है, जब खान सर के कोचिंग संस्थान में कथित तौर पर कुछ असामाजिक तत्वों ने तोड़फोड़ की थी।

इस दौरान उनके दो सुरक्षा गार्डों पर गोली चलाने का आरोप लगा था।

खान सर के अधिवक्ता अरविंद कुमार मौआर ने संवाददाताओं से कहा, “कुल छह लोगों को जमानत मिली है। न्यायाधीश ने पहले खान सर की अग्रिम जमानत मंजूर की, इसके बाद उनके तीन स्टाफ सदस्यों को भी अग्रिम जमानत दी गई।”

उन्होंने बताया कि अदालत ने खान सर के उन दोनों सुरक्षा गार्डों को भी नियमित जमानत प्रदान की, जिन पर हवा में गोली चलाने का आरोप है।

इस मामले में अदालत ने पिछले मंगलवार को फैसला सुरक्षित रख लिया था। फैसला शुक्रवार को सुनाया जाना था, लेकिन जिला न्यायाधीश की अनुपस्थिति के कारण आदेश नहीं सुनाया जा सका। बाद में इसे सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

उल्लेखनीय है कि दो जून की रात करीब 15-20 लोगों के एक समूह ने राजधानी पटना स्थित ‘खान ग्लोबल स्टडीज इंस्टीट्यूट’ में कथित तौर पर तोड़फोड़ की थी और परिसर पर पथराव किया था।

बाद में वीडियो फुटेज में सामने आया कि तोड़फोड़ के बाद खान सर के दो सुरक्षा गार्डों ने हवा में गोलियां चलाई थीं। इसके बाद गार्डों द्वारा की गई गोलीबारी से संबंधित प्राथमिकी में खान सर को भी नामजद किया गया था।

मौआर ने कहा, ‘हमने अदालत में अपने तर्क रखे, जबकि लोक अभियोजक (पीपी) ने उनका विरोध किया। हालांकि, पुलिस उचित जांच के बाद केस डायरी में अपने निष्कर्ष दर्ज कर चुकी थी।’

उन्होंने कहा कि जांच में पाया गया कि सुरक्षा गार्डों ने हवाई फायरिंग की थी और उनके पास मौजूद हथियार लाइसेंसधारी थे।

वकील ने कहा, ‘गार्डों ने आत्मरक्षा में हवा में गोलियां चलाई थीं। पुलिस ने स्वयं प्राथमिकी में दर्ज किया है कि गोलीबारी से पहले एक सुरक्षा गार्ड के सिर पर कई गंभीर चोटें आई थीं। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 35 के तहत लाइसेंसधारी हथियार रखने वाले व्यक्ति को आत्मरक्षा अथवा अपने या किसी अन्य व्यक्ति के जीवन एवं संपत्ति की रक्षा के लिए आवश्यक होने पर हवा में गोलियां चलाने का अधिकार है।’

इससे पहले, आठ जुलाई को दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया था।

पूरे घटनाक्रम के दौरान खान सर और उनके प्रतिद्वंद्वी रौशन आनंद के बीच तीखा विवाद देखने को मिला। खान सर ने आरोप लगाया था कि उनके कोचिंग संस्थान में तोड़फोड़ की साजिश रौशन आनंद ने रची थी।

जहां अदालत में सुनवाई के दौरान खान सर गिरफ्तारी से बचते रहे, वहीं तोड़फोड़ की घटना के अगले दिन रौशन आनंद को गिरफ्तार कर लिया गया था।

रौशन आनंद को 15 जून को जमानत मिल गई थी। इससे कुछ दिन पहले उनके भाई प्रिंस यादव का नेपाल के विराटनगर में रहस्यमय परिस्थितियों में शव मिला था।

जेल से रिहा होने के बाद रौशन आनंद ने आरोप लगाया था कि उनके भाई प्रिंस यादव की ‘हत्या’ के पीछे खान सर का हाथ है।

भाषा

कैलाश रवि कांत


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