बिहार कांग्रेस ने स्कूली शिक्षकों के लिए नियमित वेतनमान की मांग को लेकर ‘कफन मार्च’ निकाला

बिहार कांग्रेस ने स्कूली शिक्षकों के लिए नियमित वेतनमान की मांग को लेकर ‘कफन मार्च’ निकाला

बिहार कांग्रेस ने स्कूली शिक्षकों के लिए नियमित वेतनमान की मांग को लेकर ‘कफन मार्च’ निकाला
Modified Date: September 5, 2026 / 08:42 pm IST
Published Date: September 5, 2026 8:42 pm IST

पटना, पांच सितंबर (भाषा) बिहार में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को राज्य के गैर-वित्त पोषित शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षकों को नियमित वेतनमान देने की मांग को लेकर यहां ‘कफन मार्च’ निकाला।

पार्टी का कहना है कि इससे शिक्षकों को स्थायी आय सुनिश्चित हो सकेगी।

कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि शिक्षक दिवस के अवसर पर पटना के गांधी मैदान से बिहार विधानसभा के पास स्थित शहीद स्मारक तक निकाले गए मार्च में शामिल कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

कांग्रेस के इस दावे पर पुलिस के किसी वरिष्ठ अधिकारी की तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।

पार्टी ने एक बयान में कहा कि यह विरोध मार्च कांग्रेस सेवा दल के नेतृत्व में निकाला गया था। यह प्रदर्शन राज्य की 1981 की गैर-वित्त पोषित शिक्षा नीति के विरोध में किया गया।

इस नीति के तहत बिहार सरकार निजी या सामुदायिक स्तर पर संचालित शैक्षणिक संस्थानों को परीक्षा परिणाम के बाद अनुदान देती है। ये संस्थान मुख्य रूप से विद्यार्थियों से मिलने वाली फीस पर निर्भर रहते हैं। इन संस्थानों के कर्मचारियों को नियमित वेतनमान नहीं मिलता, जिससे उनकी आय अस्थिर बनी रहती है।

प्रदर्शनकारियों ने राज्य की भाजपा सरकार से इन शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षकों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने, उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने और शिक्षा व्यवस्था में असमानता खत्म करने की मांग की।

बिहार कांग्रेस सेवा दल के अध्यक्ष संजय यादव ने अनुदान की जगह शिक्षकों को नियमित वेतनमान देने की मांग की।

यादव ने कहा, ‘‘हमने ‘कफन यात्रा’ निकाली है और मांग की है कि बिहार के मुख्यमंत्री हमें कम से कम कफन तो उपलब्ध कराएं। चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री (नीतीश कुमार) ने ऐसे शिक्षकों को वेतनमान देने का आश्वासन दिया था, लेकिन न तो उन्होंने और न ही उनके उत्तराधिकारी ने हमारी मांग पूरी की।’

कांग्रेस ने दावा किया कि यादव के साथ पार्टी नेताओं अफरोज आलम, राजेश राठौर और रुचि सिंह समेत सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया।

भाषा शफीक माधव

माधव


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