Ban on private borewell drilling: राजधानी में प्राइवेट बोरिंग कराने पर लगी पाबंदी!.. अब इजाजत से पहले देना होगा शपथपत्र.. घर आएंगे सब-इंजीनियर
नगर निगम के अनुसार, घरेलू उपयोग के लिए डीप बोरिंग की अधिकतम गहराई संबंधित क्षेत्र के भूगर्भ जलस्तर के आधार पर तय की जाएगी। बोरिंग कराने के बाद रिंग मशीन संचालक को बोरिंग की गहराई और जलस्तर की जानकारी देनी होगी। अनुमति मिलने के बाद 15 दिनों के अंदर बोरिंग कराना अनिवार्य होगा।
Ban on private borewell drilling in Ranchi || Image- Tradeindia File
- रांची में घरेलू बोरिंग के लिए अनुमति जरूरी।
- रेन वाटर हार्वेस्टिंग की जांच होगी।
- आवेदक को शपथपत्र देना होगा।
Ban on private borewell drilling in Ranchi: रांची: झारखंड की राजधानी रांची में अब घरों में बोरिंग या बोरवेल कराना आसान नहीं होगा। रांची नगर निगम ने भूगर्भ जलस्तर में लगातार गिरावट और गर्मी के दौरान होने वाले जल संकट को देखते हुए बोरिंग के लिए नए नियम जारी किए हैं। नए नियमों के मुताबिक, रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था के बिना घरेलू बोरिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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अधिकारी लेंगे जायजा, फिर मिलेगी इजाजत
नगर निगम के आदेश के अनुसार, घरेलू उपभोक्ता या भवन मालिक अधिकतम 4 इंच की बोरिंग ही करा सकेंगे। इसके लिए नगर निगम से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अनुमति देने से पहले निगम के कनीय अभियंता या सहायक अभियंता द्वारा रेन वाटर हार्वेस्टिंग की स्थल जांच की जाएगी। जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर ही बोरिंग की अनुमति दी जाएगी।
Ban on private borewell drilling in Ranchi: बोरिंग की अनुमति लेने वाले आवेदक को शपथ पत्र भी देना होगा। इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि बोरिंग निजी भूमि पर कराई जाएगी। जमीन से संबंधित किसी भी विवाद की जिम्मेदारी आवेदक की होगी। इसके अलावा आसपास के निजी परिसर या सार्वजनिक संपत्ति को होने वाले किसी भी नुकसान की पूरी जिम्मेदारी भी भवन मालिक की होगी। आवेदक को यह भी घोषित करना होगा कि बोरिंग से प्राप्त पानी का इस्तेमाल पेयजल या घरेलू कार्यों के लिए किया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में सरकारी जमीन, सड़क, नदी या नाले पर बोरिंग नहीं कराई जा सकेगी।
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बोरिंग की गहराई भूजल स्तर पर निर्भर करेगी
नगर निगम के अनुसार, घरेलू उपयोग के लिए डीप बोरिंग की अधिकतम गहराई संबंधित क्षेत्र के भूगर्भ जलस्तर के आधार पर तय की जाएगी। बोरिंग कराने के बाद रिंग मशीन संचालक को बोरिंग की गहराई और जलस्तर की जानकारी देनी होगी। अनुमति मिलने के बाद 15 दिनों के अंदर बोरिंग कराना अनिवार्य होगा। निर्धारित अवधि में बोरिंग नहीं कराने पर अनुमति स्वतः रद्द हो जाएगी। विशेष परिस्थिति में ही 15 दिन के बाद बोरिंग की अनुमति दी जा सकेगी।
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