बिहार सरकार ने पटना चिड़ियाघर, डेयरी प्रौद्योगिकी संस्थान से संजय गांधी का नाम हटाया
बिहार सरकार ने पटना चिड़ियाघर, डेयरी प्रौद्योगिकी संस्थान से संजय गांधी का नाम हटाया
पटना, 30 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत बिहार की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने राजधानी स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर ‘पटना जू’ तथा संजय गांधी डेयरी प्रौद्योगिकी संस्थान का नाम बदलकर ‘बिहार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी’ कर दिया है।
ये फैसले बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए।
दिवंगत कांग्रेस नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी के नाम पर रखा गया यह राज्य संचालित चिड़ियाघर राजधानी में बेली रोड के पास स्थित है और वर्ष 1973 में आम लोगों के लिए खोला गया था।
करीब 153 एकड़ क्षेत्र में फैले इस जैविक उद्यान में 110 से अधिक प्रजातियों के 800 से ज्यादा जीव-जंतु हैं।
पटना स्थित संजय गांधी डेयरी प्रौद्योगिकी संस्थान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) से मान्यता प्राप्त संस्थान है, जिसकी स्थापना राज्य सरकार ने वर्ष 1980 में की थी। यहां डेयरी प्रौद्योगिकी में बीटेक और एमटेक पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं।
मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए अन्य 61 फैसलों में ‘मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना’ के लिए 23,165 करोड़ रुपये आवंटित करने का निर्णय भी शामिल है। इस योजना के तहत राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाती है।
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने कहा कि इस राशि से चालू वित्तीय वर्ष में उपभोक्ताओं को सब्सिडी उपलब्ध कराने में ऊर्जा विभाग को सहायता मिलेगी।
यह योजना पिछले वर्ष जुलाई में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश ने घोषित की थी और इसे विधानसभा चुनाव में राजग की वापसी में सहायक कल्याणकारी योजनाओं में से एक माना गया था।
मंत्रिमंडल ने ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत उन 208 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित करने के लिए 104 करोड़ रुपये मंजूर किए, जहां फिलहाल ऐसे संस्थान नहीं हैं।
चौधरी ने कहा, ‘‘इन कॉलेजों के लिए कुल 9,152 पद सृजित किए जाएंगे। प्रत्येक संस्थान को अस्थायी रूप से चिह्नित भवनों के जीर्णोद्धार और शैक्षणिक सत्र शुरू करने के लिए अन्य खर्चों के मद में 50 लाख रुपये भी दिए जाएंगे।’’
वहीं, राज्य के सभी 534 प्रखंडों में एक-एक मॉडल स्कूल (उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय) स्थापित करने की योजना है। इसका उद्देश्य छात्रों को अपने ही प्रखंड में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी उपलब्ध कराना है।
अपर मुख्य सचिव के कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 8,000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। योजना के अनुसार, प्रत्येक प्रखंड में स्थापित होने वाले इन मॉडल स्कूलों में कक्षा नौवीं से बारहवीं तक की पढ़ाई होगी। यहां छात्रों को नियमित पाठ्यक्रम के साथ-साथ चिकित्सा और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाएगी।
इन विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाएं, विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, कंप्यूटर प्रयोगशाला तथा अन्य अत्याधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
सरकार ने ऑटिज्म से पीड़ित लोगों के उपचार के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने को भी मंजूरी दी है। इसके लिए पटना के गर्दनीबाग क्षेत्र में भूमि चिह्नित की गई है।
मंत्रिमंडल ने चार प्रमुख सड़क परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी, जिनमें 56 किलोमीटर लंबा बिदुपुर-दिघवारा नॉर्थ गंगा पथ (गंगा अंबिका पथ), दरिहारा-कोनहवा से गोपालगंज-दुमरिया घाट फोरलेन सड़क (नारायणी पथ), बक्सर-आरा-मनेर गंगा पथ (विश्वामित्र पथ) तथा गया में फल्गु नदी पर दो लेन का पुल शामिल है, जिससे औद्योगिक विनिर्माण क्लस्टर को राष्ट्रीय राजमार्ग-99 से सीधी संपर्क सुविधा मिलेगी।
राज्य के 139 अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की मासिक छात्रवृत्ति 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दी गई है।
कैबिनेट ने प्रत्येक प्रखंड में आधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाओं तथा स्मार्ट कक्षाओं से युक्त एक मॉडल स्कूल विकसित करने की भी मंजूरी दी। इस परियोजना पर वर्ष 2026-27 में 800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सरकार ने राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) के लिए पटना में 2.34 एकड़ भूमि आवंटित करने को भी मंजूरी दी। यह भूमि 30 वर्ष की नवीकरणीय लीज पर दी जाएगी।
भाषा कैलाश सुरभि
सुरभि

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