प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने से बिहार अलर्ट पर; सोन बैराज के सभी फाटक खोले गए

प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने से बिहार अलर्ट पर; सोन बैराज के सभी फाटक खोले गए

प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने से बिहार अलर्ट पर; सोन बैराज के सभी फाटक खोले गए
Modified Date: September 2, 2026 / 09:46 pm IST
Published Date: September 2, 2026 9:46 pm IST

पटना, दो सितंबर (भाषा) पिछले 24 घंटे में बिहार के कई हिस्सों में लगातार बारिश हुई, जिससे प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि पानी के बहाव को सुचारू रखने और बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रोहतास जिले के इंद्रपुरी स्थित सोन बराज के सभी 69 फाटक खोल दिए गए हैं।

बिहार जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, गंगा और पुनपुन नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि कुछ अन्य जगहों पर जलस्तर चेतावनी के निशान तक पहुंच गया है।

बुलेटिन के अनुसार, गोपालगंज के डुमरिया घाट, सिधवलिया और आसपास के इलाकों में गंडक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी।

वहीं, खगड़िया के बलतारा और कटिहार के कुरसेला में कोसी नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया।

बूढ़ी गंडक और गंगा नदियां भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही थीं, जबकि पुनपुन नदी कुछ जगहों पर खतरे के निशान को पार कर गई थी।

जल संसाधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और संबंधित जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है।

अधिकारी ने कहा, “सभी संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है।” उन्होंने बताया कि अधिकारियों को लगातार निगरानी और सतर्कता बनाए रखने, आवश्यक सामग्री का भंडारण करने तथा तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन संवेदनशील इलाकों में लाउडस्पीकर और माइक्रोफोन के माध्यम से समय-समय पर लोगों को अलर्ट भी जारी कर रहा है।

बुलेटिन के अनुसार, बुधवार शाम छह बजे तक इंद्रपुरी स्थित सोन बराज से पानी का बहाव 5.59 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया, जबकि वीरपुर स्थित कोसी बराज से 2.29 लाख क्यूसेक और वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से 1.77 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

अधिकारियों ने बताया कि सोन बराज के सभी 69 फाटक खोलने से पानी के बहाव को सुगम बनाने में मदद मिलेगी और बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी।

भाषा प्रशांत माधव

माधव


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