नेपाल से बाढ़ के पानी के साथ आईं ‘अज्ञात’ मछलियां न खाएं, बीमारी का खतरा : बिहार सरकार
नेपाल से बाढ़ के पानी के साथ आईं ‘अज्ञात’ मछलियां न खाएं, बीमारी का खतरा : बिहार सरकार
पटना, दो सितंबर (भाषा) बिहार के डेरी, पशु संसाधन और मत्स्य पालन मंत्री नंद किशोर राम ने बुधवार को लोगों से अपील की कि वे नेपाल से बाढ़ के पानी के साथ राज्य में आईं ‘‘अज्ञात’’ मछलियों का सेवन करने से बचें, क्योंकि इससे बीमारियां फैल सकती हैं।
कुछ खबरों में बिहार के कुछ इलाकों में बाढ़ के पानी के साथ नेपाल से आईं अलग तरह की मछलियों की मौजूदगी की बात कही गई है। बताया गया है कि इन मछलियों के सेवन से कुछ लोगों में पेट दर्द, दस्त और उल्टी जैसी शिकायतें सामने आई हैं।
राम ने कहा, ‘‘मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे गंडक जैसी नदियों के रास्ते नेपाल से बहकर आईं मछलियों को खाने से बचें। ये मछलियां दिखने में सामान्य मछलियों से अलग होती हैं। इनके सेवन से पेट दर्द, उल्टी और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इससे संक्रमण का खतरा भी हो सकता है। इसलिए बेहतर है कि इनका सेवन न किया जाए।’’
उन्होंने मछुआरों से भी ऐसी मछलियों को पकड़ने और बेचने से बचने की अपील की।
बिहार सरकार ने मंगलवार को इस संबंध में परामर्श जारी कर लोगों से ऐसी मछलियों का सेवन नहीं करने को कहा था।
सरकार की ओर से जारी परामर्श में कहा गया कि बाढ़ के दौरान तालाबों, नदियों, झीलों और जलाशयों से बहकर निकली मछलियां बड़े क्षेत्रों में फैल सकती हैं और लंबे समय तक खुले नालों, मृत जीवों तथा सड़ने वाले पदार्थों के संपर्क में रह सकती हैं। इससे उनमें बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
भाषा रवि कांत रवि कांत नरेश
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