बेहतर निगरानी और पुलिस व्यवस्था के लिए ड्रोन से लैस होगी बिहार पुलिस

बेहतर निगरानी और पुलिस व्यवस्था के लिए ड्रोन से लैस होगी बिहार पुलिस

बेहतर निगरानी और पुलिस व्यवस्था के लिए ड्रोन से लैस होगी बिहार पुलिस
Modified Date: January 16, 2026 / 07:43 pm IST
Published Date: January 16, 2026 7:43 pm IST

पटना, 16 जनवरी (भाषा) बिहार पुलिस राज्य में बेहतर निगरानी और प्रभावी पुलिस व्यवस्था के लिए आधुनिक ड्रोन से लैस होगी।

पुलिस महानिदेशक (आधुनिकीकरण) के अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे एडीजी सुधांशु कुमार ने शुक्रवार को बताया कि मार्च 2026 तक 50 ड्रोन खरीदे जाएंगे।

कुमार ने यहां पुलिस मुख्यालय में प्रेसवार्ता में कहा कि हर जिले को कम से कम एक ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा, जो 45 मिनट तक उड़ान भर सकेगा।

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एडीजी के अनुसार इसके अलावा, नदी क्षेत्रों में निगरानी के लिए विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को 10 उच्च गुणवत्ता वाले ड्रोन दिए जाएंगे। इसके लिए 25 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

कुमार ने बताया कि इस प्रस्ताव को 14 जनवरी को उच्चस्तरीय समिति से मंजूरी मिल चुकी है।

उन्होंने कहा, “यह एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत पुलिस ड्रोन खरीदेगी। हमें उम्मीद है कि मार्च के अंत तक ड्रोन की खरीद पूरी कर ली जाएगी।”

उन्होंने यह भी बताया कि ड्रोन संचालन के लिए पुलिसकर्मियों को उचित प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि ये ड्रोन एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) प्रणाली से लैस होंगे, जिससे यातायात नियमों के उल्लंघन की पहचान में मदद मिलेगी।

कुमार ने कहा कि फिलहाल बिहार पुलिस निजी एजेंसियों से किराये पर ड्रोन सेवाएं ले रही है, जो उड़ान अवधि के आधार पर शुल्क लेती हैं, लेकिन अब विभाग ने अपनी खुद की ड्रोन इकाई स्थापित करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने बताया कि ड्रोन खरीदने से पहले बिहार पुलिस ने उन राज्यों से संपर्क किया, जहां पुलिस ड्रोन का उपयोग कर रही है और ड्रोन आपूर्ति करने वाली एजेंसियों से भी बातचीत की गई।

पुलिस के अनुसार भी थानों में सीसीटीवी और डैशबोर्ड लगाने की योजना के तहत केंद्र सरकार ने 112.46 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है।

एडीजी ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में ‘पुराना सचिवालय’, विकास भवन, विश्वेश्वरैया भवन, सूचना भवन, सिंचाई भवन और अधिवेशन भवन जैसे सरकारी भवनों में सीसीटीवी लगाने के लिए 23.58 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।

भाषा कैलाश

राजकुमार

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