कोयला घोटाले की जांच से ईडी को रोकने पर ममता बनर्जी की भाजपा ने आलोचना की

कोयला घोटाले की जांच से ईडी को रोकने पर ममता बनर्जी की भाजपा ने आलोचना की

कोयला घोटाले की जांच से ईडी को रोकने पर ममता बनर्जी की भाजपा ने आलोचना की
Modified Date: January 16, 2026 / 05:32 pm IST
Published Date: January 16, 2026 5:32 pm IST

पटना, 16 जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कोयला घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों को रोकने के प्रयास को लेकर तीखा हमला किया।

पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री प्रसाद ने यहां प्रेसवार्ता में उच्चतम न्यायालय में सॉलिसिटर जनरल द्वारा दी गयी इस दलील का हवाला दिया कि ईडी राजनीतिक परामर्श देने वाली कंपनी ‘आई-पैक (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी)’ की कथित भूमिका की जांच कर रही है।

प्रसाद ने दावा किया, “पश्चिम बंगाल में कोयले की तस्करी धड़ल्ले से हो रही है और उससे कमाया गया पैसा हवाला के जरिए इधर-उधर किया जाता है। यह कोयला घोटाला करीब 3,000 करोड़ रुपए का है। ऐसे गंभीर मामले की गहन जांच होनी चाहिए थी, लेकिन ममता बनर्जी ने उसे कुचलने की कोशिश की।”

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ईडी ने आरोप लगाया है कि कथित कोयला चोरी घोटाले की जांच के सिलसिले में आठ जनवरी को कोलकाता में ‘आई-पैक’ कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के परिसर पर छापे और तलाशी अभियान के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार, यहां तक कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से भी हस्तक्षेप किया गया एवं बाधा डाली गई।

प्रसाद ने कहा, “देश ने इससे पहले ऐसा दृश्य कभी नहीं देखा। एक निर्वाचित मुख्यमंत्री वहां पहुंचीं, जहां ईडी की छापेमारी चल रही थी और वह कागजात से भरी फाइल छीनकर बाहर निकल गईं।”

उन्होंने दावा किया कि कोलकाता के पुलिस आयुक्त और पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को कानून के मुताबिक ड्यूटी करने के बजाय “मुख्यमंत्री के निर्देशों पर काम करने को लेकर बर्खास्त किया जाना चाहिए।

बनर्जी ने बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि वह आठ जनवरी को ‘आई-पैक’ कार्यालय इसलिए गई थीं, क्योंकि उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ अनधिकृत लोग प्रतीक जैन के कार्यालय में घुस गए हैं, जिन्हें तृणमूल कांग्रेस के चुनावी काम की जिम्मेदारी दी गई थी।

विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन पर निशाना साधते हुए प्रसाद ने कहा, “मैं कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनके सहयोगियों जैसे तेजस्वी यादव (राजद) और एम. के. स्टालिन (द्रमुक) की दोहरी नीति को भी रेखांकित करना चाहता हूं। राहुल गांधी हाथ में लाल रंग की संविधान की प्रति लेकर घूमते हैं, लेकिन बंगाल में संविधान को जिस बर्बर तरीके से कुचला जा रहा है, उस पर वह चुप हैं।”

तृणमूल कांग्रेस भी ‘इंडिया’ गठबंधन की हिस्सा है।

महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव में भाजपा-नीत गठबंधन की जीत पर प्रसन्नता जताते हुए उन्होंने कहा कि यह सफलता बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की शानदार जीत के तुरंत बाद आई है।

उन्होंने कहा, “हमें पूरा भरोसा है कि कुछ महीनों में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हम तृणमूल कांग्रेस को हराएंगे।”

भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि उन्होंने कई संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुख के रूप में पश्चिम बंगाल के अपने दौरों के दौरान “तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा मतदाताओं को डराते-धमकाते हुए” प्रत्यक्ष रूप से देखा है।

भाषा कैलाश

राजकुमार

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