तिरहुत, सारण, कोशी, पूर्णिया, मुंगेर व मगध प्रमंडल में खुलेंगे दृष्टित्रहीन एवं मूक-बधिर विद्यालय

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तिरहुत, सारण, कोशी, पूर्णिया, मुंगेर व मगध प्रमंडल में खुलेंगे दृष्टित्रहीन एवं मूक-बधिर विद्यालय

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  • Publish Date - February 11, 2026 / 09:04 PM IST,
    Updated On - February 11, 2026 / 09:04 PM IST

पटना, 11 फरवरी (भाषा) बिहार के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि राज्य के तिरहुत, सारण, कोशी, पूर्णिया, मुंगेर और मगध प्रमंडल में दृष्टिहीन एवं मूक-बधिर विद्यालय खोले जाएंगे और इनमें 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की व्यवस्था होगी। वर्तमान में पटना, दरभंगा और भागलपुर प्रमंडल (आयुक्तालय) में ऐसे विद्यालय संचालित हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इन तीनों विद्यालयों में अभी आठवीं कक्षा तक पढ़ाई होती है, जिसे बढ़ाकर 12वीं कक्षा तक किया जाएगा और इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

सहनी ने समाज कल्याण विभाग के वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए तृतीय अनुपूरक बजट 724 करोड़ 52 लाख 34 हजार रुपये पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए विभागीय योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रमंडल में खोले जाने वाले दृष्टिहीन एवं मूक-बधिर विद्यालय में 500 बच्चों के दाखिले की क्षमता होगी।

मंत्री ने बताया कि राज्य में एड्स से संक्रमित 72,704 रोगियों को हर माह 1,500 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है, जबकि 14,461 कुष्ठ रोगियों को भी प्रति माह 1,500 रुपये की सहायता दी जाती है।

उन्होंने कहा कि राज्य में 1,15,064 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जहां 39,55,000 नामांकित बच्चों के लिए पूरक पोषाहार कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

सहनी ने यह भी कहा कि जो दिव्यांग अभ्यर्थी संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा में सफल होंगे, उन्हें मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से क्रमशः एक लाख और पचास हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।

मंत्री ने कहा कि इसके अलावा महिला अभ्यर्थियों को महिला विकास निगम के माध्यम से यूपीएससी और बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए क्रमशः एक लाख और पचास हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है।

भाषा कैलाश नोमान

नोमान