महिला आरक्षण पर केंद्र सरकार की साजिश बेनकाब, महिलाओं को अधिकार से वंचित करने की कोशिश: दीपिका

Ads

महिला आरक्षण पर केंद्र सरकार की साजिश बेनकाब, महिलाओं को अधिकार से वंचित करने की कोशिश: दीपिका

  •  
  • Publish Date - April 21, 2026 / 06:30 PM IST,
    Updated On - April 21, 2026 / 06:30 PM IST

पटना, 21 अप्रैल (भाषा) झारखंड सरकार में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण लागू करने में जानबूझकर देरी करने और संवैधानिक प्रक्रिया से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

बिहार प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम पटना में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन कानून में संशोधन लाकर केंद्र सरकार साजिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन वर्ष तक इस कानून को अधिसूचित नहीं किया गया और अब उसके संशोधन की बात की जा रही है।

उन्होंने कहा कि यह पहली बार हो रहा है कि जो कानून को अब तक अधिसूचित नहीं किया गया, उसी में संशोधन विधेयक लाने की कोशिश की गई।

दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखने का यह सुनियोजित षड्यंत्र है। उन्होंने सवाल किया कि जब महिलाओं को उनका हक देने की बात आती है तो जनगणना और परिसीमन जैसी शर्तें क्यों जोड़ी जा रही हैं।

झारखंड की मंत्री ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन किया जा रहा है और जनगणना के बहाने इसे रोके रखा गया है। उन्होंने कहा कि देश का माहौल बदल रहा है और महिलाएं अपने अधिकारों के लिए संघर्ष को तैयार हैं।

दीपिका पांडेय सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण के नाम पर महिलाओं को धोखा दे रही है और महिला आरक्षण की जगह ‘‘मोदी आरक्षण’’ लागू करना चाहती है।

इस मौके पर बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि जिस महिला आरक्षण विधेयक को कांग्रेस के समर्थन से वर्ष 2023 में पारित किया गया, उसी को लेकर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने इस विधेयक का स्वागत किया था और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसके पक्ष में माहौल बनाने का काम किया था।

राजेश राम ने यह भी आरोप लगाया कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। राजेश राम ने कहा कि जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है।

भाषा कैलाश अमित

अमित