बिहार: समान अवसर की मांग को लेकर मंत्री के आवास के बाहर एकत्र हुए बीपीएससी अभ्यर्थी
बिहार: समान अवसर की मांग को लेकर मंत्री के आवास के बाहर एकत्र हुए बीपीएससी अभ्यर्थी
पटना, एक सितंबर (भाषा) बीपीएससी परीक्षा के अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण (टीआरई-4) में ‘‘समान अवसर’’ देने की मांग को लेकर मंगलवार को बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के यहां स्थित सरकारी आवास के बाहर एकत्र हुए।
नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों ने मांग की कि राज्य के एसटीईटी अभ्यर्थियों की तरह केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) पास करने वाले अभ्यर्थियों को भी टीआरई-4 के लिए आवेदन करने की अनुमति दी जाए।
18 अगस्त को जारी टीआरई-4 की अधिसूचना में बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने एसटीईटी अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन करने की अनुमति दी, लेकिन सीटीईटी अभ्यर्थियों को इससे बाहर रखा।
एसटीईटी पात्रता परीक्षा है, जबकि बीपीएससी की टीआरई सरकारी शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए होने वाली परीक्षा है।
मंत्री के आवास के बाहर एक अभ्यर्थी ने पीटीआई वीडियो से कहा कि बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के इस फैसले से लाखों सीटीईटी अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं।
अभ्यर्थी ने कहा कि मंत्री को कम से कम उनसे मिलकर समस्याएं सुननी चाहिए, क्योंकि ‘‘वह हमेशा कहते हैं कि वह बातचीत के लिए तैयार हैं।’’
बीपीएससी ने सोमवार को टीआरई-4 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने का कार्यक्रम टाल दिया। आयोग ने इसके लिए प्रक्रिया में किए गए बदलावों का हवाला दिया।
आयोग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, बिहार शिक्षा विभाग के तहत स्कूल शिक्षक के 32,388 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया मंगलवार से शुरू होनी थी, जिसे टाल दिया गया है।
तिवारी ने अपने आवास के बाहर परीक्षा अभ्यर्थियों से मुलाकात नहीं की। उन्होंने बाद में कहीं और पत्रकारों से कहा कि छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘छात्र हमारा भविष्य हैं और सरकार उनकी समस्याएं सुनने तथा उनका समाधान करने के लिए तैयार है। बीपीएससी पारदर्शी तरीके से परीक्षा कराने की तैयारी कर रहा है। अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी में जुट जाना चाहिए।’’
हालांकि, मंत्री ने इस सवाल पर कोई टिप्पणी नहीं की कि सीटीईटी अभ्यर्थियों को टीआरई-4 में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी या नहीं।
भाषा जोहेब नरेश
नरेश

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