गंडक नदी ने बिहार में चार स्थानों पर अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर का रिकॉर्ड तोड़ा

गंडक नदी ने बिहार में चार स्थानों पर अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर का रिकॉर्ड तोड़ा

गंडक नदी ने बिहार में चार स्थानों पर अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर का रिकॉर्ड तोड़ा
Modified Date: September 30, 2026 / 06:43 pm IST
Published Date: September 30, 2026 6:43 pm IST

पटना, 30 सितंबर (भाषा) बिहार में गंडक नदी ने चार स्थलों पर अपने पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

राज्य सरकार के जल संसाधन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बगहा, डुमरियाघाट, रेवा घाट और लालगंज में नदी का जलस्तर पुराने रिकॉर्ड से ऊपर पहुंच गया है।

जल संसाधन विभाग के अनुसार, पश्चिम चंपारण के बगहा में गंडक का जलस्तर 91.25 मीटर दर्ज किया गया, जो 29 सितंबर 2024 को दर्ज 90.90 मीटर के पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर से 35 सेंटीमीटर अधिक है। यह नया स्तर 28 सितंबर को दर्ज किया गया।

विभाग ने बताया कि गोपालगंज के डुमरियाघाट में नदी का जलस्तर 64.64 मीटर पहुंच गया, जो जुलाई 2020 में दर्ज 64.36 मीटर के पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर से 28 सेंटीमीटर अधिक है।

मुजफ्फरपुर के रेवा घाट में 55.55 मीटर और वैशाली के लालगंज में 52.19 मीटर का नया उच्चतम बाढ़ स्तर दर्ज किया गया। ये दोनों क्रमश: पिछले रिकॉर्ड से नौ सेंटीमीटर और सात सेंटीमीटर अधिक हैं।

विभाग ने कहा कि ये आंकड़े 30 सितंबर दोपहर तक के हैं। जलस्तर में लगातार वृद्धि के रुख को देखते हुए रेवा घाट और लालगंज में पानी का स्तर और बढ़ने की संभावना है।

हालांकि, गंडक नदी के ऊपरी और मध्य हिस्सों में कई स्थानों पर जलस्तर घट रहा है, लेकिन बुधवार को कुछ निचले इलाकों में, खासकर रेवा घाट और लालगंज में, जलस्तर बढ़ता रहा।

बुधवार दोपहर दो बजे रेवा घाट में नदी का जलस्तर 55.63 मीटर और लालगंज में 52.26 मीटर दर्ज किया गया। वहीं, गोपालगंज के डुमरियाघाट में जलस्तर 64.57 मीटर था, जो उच्चतम बाढ़ स्तर 64.64 मीटर से केवल सात सेंटीमीटर कम है।

विभाग के मुताबिक, बगहा, ठकराहा, कुकराहा और डुमरियाघाट में नदी का जलस्तर घट रहा था, जबकि मध्य और निचले हिस्सों में रेवा घाट, लालगंज और हाजीपुर में जलस्तर बढ़ने का रुख दर्ज किया गया। कई स्थानों पर नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

अधिकारियों ने बताया कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित पूर्वी और पश्चिमी चंपारण जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया और अधिकारियों को सतर्कता बढ़ाने तथा राहत एवं बचाव उपायों में तेजी लाने का निर्देश दिया।

वहीं, भारी जल प्रवाह के बीच गोपालगंज और सारण जिलों में गंडक नदी के दो तटबंध टूट गए।

भाषा कैलाश शफीक

शफीक


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