Mahila Rojgar Yojana Online Apply : प्रदेश की महिलाओं को अब नहीं मिलेंगे पैसे! नए आवेदन का विंडो हुआ क्लोज, क्या बंद हो जाएगी योजना?

प्रदेश की महिलाओं को अब नहीं मिलेंगे पैसे! नए आवेदन का विंडो हुआ क्लोज, Mahila Rojgar Yojana Online Apply Mahila Rojgar Yojana ka Aavedan Kaise kare

Mahila Rojgar Yojana Online Apply : प्रदेश की महिलाओं को अब नहीं मिलेंगे पैसे! नए आवेदन का विंडो हुआ क्लोज, क्या बंद हो जाएगी योजना?
Modified Date: January 7, 2026 / 05:37 pm IST
Published Date: January 7, 2026 5:25 pm IST
HIGHLIGHTS
  • मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह बंद
  • 1.51 करोड़ से अधिक महिलाओं को मिल चुकी है ₹10,000 की पहली किस्त
  • सफल रोजगार पर ₹2 लाख तक अतिरिक्त सहायता का प्रावधान

पटना Mahila Rojgar Yojana Online Apply बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी और विधानसभा चुनावों में गेमचेंजर मानी जा रही मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया अब पूरी तरह बंद कर दी गई है। राज्य सरकार द्वारा पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि इस योजना के तहत 31 दिसंबर 2025 तक ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। तय समय सीमा के बाद किसी भी तरह का नया आवेदन अब मान्य नहीं होगा। प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक जिन महिलाओं ने आवेदन किया था, उनके आवेदनों पर नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। लेकिन इसके बाद योजना के लिए न तो ऑनलाइन और न ही ऑफलाइन किसी भी प्रकार के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इसके साथ ही योजना में नए लाभार्थियों की एंट्री बंद हो गई है। प्रदेश में इसे लेकर अब सियासत भी गर्म हो गई है। कई तरह के दावे इस योजना को लेकर किए जा रहे हैं।

Mahila Rojgar Yojana Online Apply दरअसल, विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए इस योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने महिलाओं को पहली किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। अब तक 1.51 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में यह राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। योजना के प्रावधानों के अनुसार, जिन महिलाओं ने इस सहायता राशि का सही उपयोग कर अपना रोजगार सफलतापूर्वक चलाया है, उनकी छह महीने बाद समीक्षा की जाती है। समीक्षा में सफल पाए जाने पर सरकार की ओर से उन्हें 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने का प्रावधान भी है।

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योजना को लेकर प्रदेश में गरमाई सियासत

प्रदेश की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए चलाई जा रही इस योजना के लिए आवेदन बंद होने के साथ ही अब सियासत भी गर्म हो गई है। विपक्ष ने इसे चुनावी प्रलोभन बताते हुए कहा कि यह योजना प्रदेश की महिलाओं के वोट को अपने पक्ष में करने के लिए लाई गई थी। सरकार ने चुनाव खत्म होते ही इसे बंद कर दिया। हालांकि विपक्ष के आरोपों को प्रदेश के सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार ने खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस योजना को बंद नहीं की गई है। महिलाओं को 10 हजार रुपए देना कोई चुनावी प्रोपोगेंडा नहीं था। यह उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए लाई गई थी। कोई भी योजना का पोर्टल हमेशा खुला नहीं रहता है। एक तय सीमा में आवेदन लिए जाते हैं।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।