पटना के जदयू कार्यालय पहुंचे निशांत कुमार, समर्थकों ने लगाए ‘मुख्यमंत्री कैसा हो’ के नारे

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पटना के जदयू कार्यालय पहुंचे निशांत कुमार, समर्थकों ने लगाए ‘मुख्यमंत्री कैसा हो’ के नारे

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  • Publish Date - March 11, 2026 / 05:19 PM IST,
    Updated On - March 11, 2026 / 05:19 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

पटना, 11 मार्च (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेता निशांत कुमार बुधवार को यहां पार्टी के प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां मौजूद कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

कार्यालय पहुंचते ही समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। “बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो” जैसे नारों से पूरा कार्यालय गूंज उठा।

दरअसल, आठ मार्च को निशांत कुमार ने औपचारिक रूप से जदयू की सदस्यता ग्रहण की थी। उन्हें पार्टी की सदस्यता जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने दिलाई थी। उस समय केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

सदस्यता ग्रहण करने के बाद से ही निशांत कुमार लगातार पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के संपर्क में हैं। बुधवार को जदयू कार्यालय में आयोजित ‘जनता दरबार’ में भी वह पहुंचे और उन्होंने आम लोगों की समस्याएं सुनीं।

जनता दरबार की यह परंपरा लंबे समय से पार्टी कार्यालय में चल रही है, जहां आम नागरिक अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। इस दौरान बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि हर बुधवार को पार्टी कार्यालय में जनता दरबार आयोजित किया जाता है और कार्यकर्ताओं का उत्साह स्वाभाविक है, क्योंकि निशांत कुमार उनसे सीधे संवाद कर रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषक अरुण कुमार पांडे के अनुसार, निशांत कुमार की सक्रियता को केवल एक सामान्य राजनीतिक शुरुआत के तौर पर नहीं देखा जा रहा है क्योंकि बिहार की राजनीति में पिछले कुछ समय से यह चर्चा भी तेज है कि आने वाले समय में जदयू को नई पीढ़ी का नेतृत्व तैयार करना पड़ सकता है।

पांडे का मानना है कि यह कदम जदयू के संगठन को मजबूत करने की रणनीति भी हो सकता है।

उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही आंतरिक असंतोष की चर्चाओं और बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच यदि नई पीढ़ी को सामने लाया जाता है, तो इससे कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा हो सकता है।

भाषा कैलाश

राजकुमार

राजकुमार