Bihar New CM Name: नीतीश कुमार के बाद कौन होगा बिहार का नया सीएम? इस्तीफे से पहले शुरू हुआ कयासों का दौर, इन नेताओं के नाम की चर्चा तेज
Bihar New CM Name: नीतीश कुमार के बाद कौन होगा बिहार का नया सीएम? इस्तीफे से पहले शुरू हुआ कयासों का दौर, इन नेताओं के नाम की चर्चा तेज
Bihar New CM Name: नीतीश कुमार के बाद कौन होगा बिहार का नया सीएम? इस्तीफे से पहले शुरू हुआ कयासों का दौर, इन नेताओं के नाम की चर्चा तेज / Image: IBC24 Customized
- नीतीश कुमार अब राज्यसभा के जरिए दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होंगे
- 'बंद लिफाफे' से नए सीएम का नाम घोषित कर सकती है भाजपा
- भाजपा का मुख्य फोकस 2025 के आगामी विधानसभा चुनावों पर होगा
पटना: Bihar New CM Name बिहार में पिछले दो दशक तक सीएम की कुर्सी पर एकछत्र राज करने वाले नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। नीतीश कुमार के नामांकन दाखिल करते ही बिहार के नए सीएम नाम को लेकर कयासों का बाजार भी गर्म हो गया है। अभी नीतीश कुमार सीएम के पद से इस्तीफा भी नहीं दिए और नए सीएम के तौर पर नाम भी सामने आने लगे हैं। हालांकि अभी तक भाजपा और जेडीयू का पूरा फोकस राज्यसभा चुनाव पर है। राज्यसभा चुनाव के बाद ही बिहार के नए सीएम के नाम पर विचार किया जाएगा।
कौन होगा बिहार का नया सीएम
Bihar New CM Name बिहार के नए सीएम के नामों को लेकर चल रही अटकलों की बात करें तो यहां जेडीयू से दो डिप्टी सीएम बनाए जाने को लेकर भी चर्चा हो रही है। वहीं, सीएम कैंडिटेट की बात करें तो भाजपा के अघोषित सीएम कैंडिडेट रहे केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय की हो या इस समय सबसे मजबूत नेता बनकर उभरे डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की या फिर विवाद-बयान से दूर पार्टी और संगठन का काम करने वाले दीघा के विधायक संजीव चौरसिया की। डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा और प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष दिलीप जायसवाल भी विकल्प हैं, जो अमित शाह के करीबी नेता के तौर पर गिने जाते हैं। भाजपा के पास विधानसभा में 89 और परिषद में 22 सदस्य हैं। कई राज्यों में चौंका चुकी भाजपा इनमें से किसी को भी सीएम बना सकती है। पार्टी चाहे तो विधानमंडल से बाहर के किसी नेता को भी सीएम बना सकती है।
जातीय गणित पर रहेगी भाजपा की नजर
भाजपा की जीत दर जीत से यह साफ हो चुका है कि वह चुनाव से छह महीने पहले चुनाव की तैयारी करने वाली पार्टी नहीं है। पश्चिम बंगाल के चुनाव की तैयारी वह पिछले एक साल से कर रही है। अब फोकस बढ़ गया है। बिहार की राजनीति में प्रभाव बढ़ाने की रणनीति के साथ वो एक ऐसा मुख्यमंत्री चुन सकती है, जो पार्टी और सहयोगियों दलों के नेताओं से बेहतर तालमेल रख सके। जातीय गणित भाजपा देखती है, लेकिन वो इकलौती चीज नहीं है, जिस पर वो किसी को सीएम बनाती है। गिरिराज सिंह ने कहा है कि जो भी बनेगा, वो नीतीश कुमार की मर्जी से बनेगा। मतलब निकालें तो भाजपा के जिन नेताओं के नीतीश से रिश्ते बेहतर नहीं हैं, उनका चांस कमजोर होगा।
पर्ची सिस्टम से हो सकता है नए सीएम का चुनाव
वैसे तो बिहार में भाजपा के पास बड़े नेताओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन दिल्ली में रेखा गुप्ता, ओडिशा में मोहन चरण मांझी, छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय और मध्य प्रदेश में मोहन यादव को कुर्सी मिलने के उदाहरणों से सारे नेता सतर्क हैं। पार्टी नेतृत्व किसके नाम की पर्ची निकाल दे, ये अंदाजा किसी को नहीं है। भाजपा का संसदीय बोर्ड ऐसे मसलों पर फैसला लेता रहा है, लेकिन वहां क्या तय होगा, यह भनक फैसले से पहले शायद ही किसी को लग पाएगी।
मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार
| नेता का नाम | वर्तमान भूमिका | ताकत/विशेषता |
| नित्यानंद राय | केंद्रीय गृह राज्य मंत्री | अमित शाह के भरोसेमंद और अघोषित सीएम चेहरा। |
| सम्राट चौधरी | डिप्टी सीएम | वर्तमान में बिहार भाजपा के सबसे मुखर और मजबूत नेता। |
| विजय कुमार सिन्हा | डिप्टी सीएम | अनुभवी और संगठन पर पकड़ रखने वाले नेता। |
| संजीव चौरसिया | विधायक (दीघा) | लो-प्रोफाइल और विवादों से दूर रहने वाले कैडर नेता। |
| दिलीप जायसवाल | पूर्व प्रदेश अध्यक्ष | अमित शाह के करीबी और संगठन का गहरा अनुभव। |
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