संख्या बल नहीं होने के बावजूद राजद का राज्यसभा चुनाव लड़ने का फैसला

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संख्या बल नहीं होने के बावजूद राजद का राज्यसभा चुनाव लड़ने का फैसला

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  • Publish Date - March 2, 2026 / 12:22 AM IST,
    Updated On - March 2, 2026 / 12:22 AM IST

पटना, एक मार्च (भाषा) बिहार के प्रमुख विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने आगामी राज्यसभा चुनाव लड़ने का रविवार को फैसला किया। इसके साथ ही राजद राज्य में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के राज्य से सभी पांच सीट पर बिना किसी मुकाबले के जीत हासिल करने के प्रयास को चुनौती देगा।

यह निर्णय पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष लालू प्रसाद के आवास पर आयोजित केंद्रीय और राज्य संसदीय बोर्ड की बैठक में लिया गया, जो देर शाम तक चली। हालांकि, पार्टी के नेताओं ने इन अफवाहों पर चुप्पी साध ली कि लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव उम्मीदवार हो सकते हैं।

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने पत्रकारों को बताया, ‘‘केंद्र और राज्य दोनों संसदीय बोर्ड ने राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष (यादव) को राज्यसभा चुनाव पर निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया है। जी हां, यह निर्णय लिया गया है कि हम चुनाव लड़ेंगे।’’

वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कांति सिंह ने कहा, ‘हम राज्यसभा चुनाव जरूर लड़ेंगे।’ जब उनसे पार्टी के पास आवश्यक संख्या बल ना होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘तो क्या हुआ?’’

गौरतलब है कि इस महीने के अंत में जिन पांच सीट के लिए चुनाव होने हैं, उनमें से दो वर्तमान में राजद के कब्जे में है। राजद को कुछ महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था और उसके पास उच्च सदन में अपना सदस्य भेजने के लिए आवश्यक संख्या बल नहीं रहा।

अब पार्टी के पास 243 सदस्यीय विधानसभा में केवल 25 विधायक हैं और हालांकि उसे कांग्रेस और वाम दलों जैसे महागठबंधन सहयोगियों का पूरा समर्थन मिलने की संभावना है, फिर भी उनकी संयुक्त संख्या 35 राज्यसभा सीट जीतने के लिए आवश्यक न्यूनतम संख्या से लगभग छह सीट कम है।

फिर भी, जब से पांच सीट के लिए चुनाव की घोषणा हुई है, जिनमें से शेष तीन सीट राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पास हैं, राजद नेता एक सीट पर चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं और अपनी उम्मीदें ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) पर टिकाए हुए हैं, जिसके विधानसभा में पांच सदस्य हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का एकमात्र विधायक भी है।

एआईएमआईएम विधायक और प्रदेश इकाई के प्रमुख अख्तरुल इमान ने खुद चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं और कहा है, ‘धर्मनिरपेक्षता के नाम पर हम कब तक दूसरों का समर्थन करते रहेंगे? अब समय आ गया है कि दूसरे हमारा समर्थन करें।’

राजद नेताओं ने अपने उम्मीदवार का नाम बताने से इनकार कर दिया और यादव से जुड़ी अफवाहों के बारे में पूछे जाने पर दोहराया कि अधिकृत नेतृत्व उचित निर्णय लेगा।

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया छह मार्च को समाप्त हो रही है।

इनमें से दो सीट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) के पास हैं, जिसके दोनों सीट को बरकरार रखने की उम्मीद है। हालांकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर को लगातार तीसरी बार चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार बनाये जाने पर विचार किया जाएगा या नहीं।

विधानसभा में 89 सदस्यों के साथ सबसे बड़ी पार्टी भाजपा ने दो सीट के लिए अपने उम्मीदवार तय कर लिए हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि उम्मीदवारों का चयन ‘केंद्रीय नेतृत्व’ द्वारा किया जाएगा, हालांकि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह के नामों की चर्चा चल रही है। नितिन नवीन वर्तमान में बांकीपुर से विधायक हैं।

जिन सीट पर चुनाव होने हैं, उनमें से एक सीट पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के पास है जो राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख हैं। राष्ट्रीय लोक मोर्चा राजग का सबसे छोटा सहयोगी दल है, जिसका लोकसभा में कोई सदस्य नहीं है और केवल चार विधायक हैं।

इस बीच, एक संबंधित घटनाक्रम में, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने भी राज्यसभा चुनावों पर चर्चा करने के लिए अपनी पार्टी की बैठक की। इसके छह लोकसभा सदस्य और 19 विधायक हैं और यह गठबंधन की तीसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी है।

बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए हाजीपुर सांसद ने कहा, ‘अगर राजद ने राज्यसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है, तो वे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं। मुझे उन्हें चुनाव न लड़ने और बिहार की परंपरा का पालन करने की सलाह देने की जरूरत नहीं है, जहां अधिकांश राज्यसभा सांसद निर्विरोध चुने जाते हैं।’

पासवान ने कहा, ‘‘फिर भी, राज्यसभा चुनाव में उनकी हार उतनी ही निश्चित है जितनी विधानसभा चुनाव में उनकी करारी हार। राजग सभी पांच सीट जीतेगा। इनमें से चार सीट पर हमारा कोई मुकाबला नहीं है और विपक्षी गठबंधन में दरार को देखते हुए हम पांचवीं सीट आसानी से जीत सकते हैं।’’

भाषा अमित सिम्मी

सिम्मी

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