(तस्वीर सहित)
पटना, छह जून (भाषा) बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर शनिवार को उस समय नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला जब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कई नेता वहां पहरा देते दिखे। राजद नेताओं ने दावा किया कि उनकी नेता ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा ‘‘अनुचित’’ व्यवहार किए जाने के विरोध में अपनी सुरक्षा ‘‘वापस’’ कर दी है।
यह घटनाक्रम 10, सर्कुलर रोड स्थित उस सरकारी बंगले को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित किए जाने के तुरंत बाद सामने आया, जहां राबड़ी देवी दो दशक से रह रही हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य विधान परिषद में विपक्ष की नेता होने के नाते उन्हें आवंटित 39, हार्डिंग रोड स्थित आवास में जाने से इनकार कर दिया है। इस सप्ताह की शुरुआत में सरकार ने उनके पूरे परिवार की सुरक्षा श्रेणी कमतर कर उन्हें एक और झटका दिया था।
राजद प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक शक्ति सिंह यादव ने कहा, ‘‘यह भाजपा नीत सरकार की हमारे नेताओं लालू (प्रसाद), राबड़ी और तेजस्वी (यादव) को अपमानित करने की चाल है। इन सभी ने उन्हें दी गई सुरक्षा वापस कर दी है, लेकिन सत्ता पक्ष को इसकी कोई परवाह नहीं है, क्योंकि वह चाहता है कि हमारे नेताओं की हत्या हो जाए।’’
यादव राजद के उन नेताओं में शामिल थे, जो राबड़ी देवी के आवास के द्वार के सामने सबसे पहले आकर बैठे।
उन्होंने कहा, ‘‘अब से राजद कार्यकर्ता यह जिम्मेदारी खुद उठाएंगे कि हमारे नेता सुरक्षित रहें। मैं यहां उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने आया हूं। मेरे कई साथी भी मेरे साथ जुड़ेंगे।’’
राजद नेता आभा लता दिन में बाद में 10, सर्कुलर रोड पहुंचीं। उन्होंने राबड़ी देवी से वीडियो कॉल पर बात की और उन्हें आवास के द्वार पर मौजूद भीड़ दिखाई।
आभा लता ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कदम की निंदा करते हैं। उन्होंने राबड़ी देवी के नेतृत्व में राजनीति सीखी, लेकिन अब उन्हें अपमानित करने पर तुले हैं। मैंने महोदया से कहा है कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनके पति और बेटा भले ही दूर हों, लेकिन वह अकेली नहीं हैं।’’
राबड़ी देवी के पति और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद इलाज के लिए सिंगापुर में हैं। राबड़ी देवी ने 1997 में बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में लालू प्रसाद की जगह ली थी। ऐसा बताया जा रहा है कि उनके छोटे बेटे और राजद में दूसरे नंबर के नेता तेजस्वी यादव दिल्ली में हैं।
पटना में रहने के दौरान राजद प्रमुख अपनी पत्नी के साथ 10, सर्कुलर रोड स्थित आवास में रहते हैं, लेकिन तेजस्वी सहित कई राजद नेताओं का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में लालू को अलग आवास मिलना चाहिए।
पूर्व उपमुख्यमंत्री और वर्तमान में राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव 1, पोलो रोड स्थित आवास में रहते हैं, जो वहां से कुछ सौ मीटर की दूरी पर है। कई राजद नेताओं ने दावा किया कि तेजस्वी ने भी उन्हें दी गई सुरक्षा ‘‘वापस’’ कर दी है।
हालांकि, तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेज प्रताप यादव ने इस पूरे विवाद पर अलग रुख अपनाया। तेज प्रताप को उनके पिता ने एक साल पहले राजद से निष्कासित कर दिया था।
पूर्व मंत्री एवं जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव दोपहर में अपनी मां के आवास पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि उन्हें राबड़ी देवी के अस्वस्थ होने की जानकारी मिली थी।
पत्रकारों ने जब उनसे सवाल किए तो यादव ने कहा, ‘‘जहां तक मुझे पता है, मेरे परिवार के किसी भी सदस्य ने अपनी सुरक्षा वापस नहीं की है। सुरक्षाकर्मी ही ड्यूटी से बच रहे हैं और ऊपर से आदेश नहीं मिलने का बहाना बना रहे हैं।’’
तेज प्रताप यादव का नाम भी परिवार के उन सदस्यों में शामिल है, जिनकी सुरक्षा दो दिन पहले घटाई गई थी।
पूर्व मंत्री ने हाल में अपनी मां के आवास को लेकर सरकार के आदेश पर कड़ी नाराजगी जताई थी, लेकिन उन्होंने सुरक्षा के मुद्दे पर विवाद में पड़ने से परहेज किया। उन्होंने कहा, ‘‘सत्ता पक्ष को बिहार की महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए, जो खराब कानून-व्यवस्था के कारण असुरक्षित महसूस करती हैं।’’
इस बीच, सत्तारूढ़ राजग ने विपक्षी दल की ‘‘दबाव की राजनीति’’ पर नाराजगी जताते हुए दावा किया कि लालू के परिवार के संबंध में सभी कदम ‘‘नियमों के अनुसार’’ उठाए गए हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, ‘‘लालू प्रसाद का परिवार दबाव की राजनीति कर रहा है। उनके नखरे दिखाते हैं कि वे यह समझने को तैयार नहीं हैं कि यह लोकतंत्र है, राजशाही नहीं। अगर वे अपने अधिकार-बोध का सार्वजनिक प्रदर्शन करना चाहते हैं, तो इसमें कुछ नहीं किया जा सकता।’’
गिरिराज सिंह अपने संसदीय क्षेत्र बेगूसराय में थे।
भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष संजय सरावगी ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘राज्य में एक सुरक्षा समिति है, जो इस संबंध में फैसले करती है। राबड़ी देवी और लालू प्रसाद दोनों को पूर्व मुख्यमंत्रियों के रूप में उनकी पात्रता के अनुसार सुरक्षा मिल रही है। इसमें समस्या क्या है?’’
भाषा सिम्मी दिलीप
दिलीप