पटना, 24 जुलाई (भाषा) बिहार विधानमंडल का पांच दिवसीय मानसून सत्र शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
सत्र के दौरान राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) में कथित अनियमितताओं तथा पटना सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में छात्रों के विरोध प्रदर्शन समेत कई मुद्दों को लेकर विपक्ष के लगातार विरोध और हंगामे के कारण कार्यवाही कई बार बाधित रही।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा करते हुए संक्षिप्त मानसून सत्र का समापन किया।
विधानमंडल के दोनों सदनों ने बिहार विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 पारित कर राज्य सरकार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राजकोष से 87,383 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की अनुमति प्रदान की।
इसके अलावा दोनों सदनों ने बिहार शहरी विकास विधेयक, 2026, बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026, बिहार निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026, बिहार नर्स पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026, बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक, 2026, बिहार कृषि भूमि (गैर-कृषि प्रयोजनों के लिए रूपांतरण) (निरसन) विधेयक, 2026, बिहार माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा बिहार सुगम कारोबार विधेयक, 2026 सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक भी पारित किए।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि मानसून सत्र के दौरान कुल 1,038 प्रश्न प्राप्त हुए, जिनमें से 971 प्रश्न विधानसभा सचिवालय ने स्वीकार किए।
उन्होंने कहा, ‘‘ध्यानाकर्षण सूचनाओं और प्रश्नों के माध्यम से जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। 20 जुलाई से शुरू हुए इस सत्र में कुल पांच बैठकें आयोजित की गईं।’’
विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने बताया कि परिषद में कुल 262 प्रश्न प्राप्त हुए, जिनमें से 240 स्वीकार किए गए।
उन्होंने कहा, ‘‘ध्यानाकर्षण सूचनाओं और प्रश्नों के माध्यम से जनहित से जुड़े कई मुद्दे उठाए गए। 20 जुलाई से शुरू हुए सत्र में कुल पांच बैठकें हुईं।’’
इसके बाद विधान परिषद की कार्यवाही भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
भाषा
कैलाश रवि कांत