तेजस्वी बिहार विधानसभा के अध्यक्ष से मिले, सदन में एसआईआर पर चर्चा की मांग की

तेजस्वी बिहार विधानसभा के अध्यक्ष से मिले, सदन में एसआईआर पर चर्चा की मांग की

तेजस्वी बिहार विधानसभा के अध्यक्ष से मिले, सदन में एसआईआर पर चर्चा की मांग की
Modified Date: July 21, 2025 / 03:39 pm IST
Published Date: July 21, 2025 3:39 pm IST

पटना, 21 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने सोमवार को बिहार विधानसभा के अध्यक्ष नंद किशोर यादव से मुलाकात की और उनसे राज्य में मतदाता सूची के विवादास्पद विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर सदन में चर्चा कराने का अनुरोध किया।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने मानसून सत्र के पहले दिन अध्यक्ष के कक्ष में उनसे मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने अनुरोध किया कि इस मामले पर कल सदन में चर्चा कराई जाए। बिहार में विधानसभा लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंदिर है… राज्य में लोकतंत्र पर हमला हो रहा है। वंचित वर्ग के लोगों से उनके मताधिकार को छीनने की कोशिश की जा रही है। हम सदन से सड़क तक इसका मुकाबला करेंगे।’’

हालांकि, वरिष्ठ भाजपा नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘यह आशंका निराधार है। एक भी वास्तविक मतदाता का नाम नहीं काटा जाएगा। आगामी विधानसभा चुनाव में सभी अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।’’

पूर्व उपमुख्यमंत्री यादव ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि अध्यक्ष को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सहमत होना होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘उनकी ओर से किसी भी तरह की अनिच्छा या सत्ता पक्ष की अनिच्छा के गंभीर परिणाम होंगे।’’

तेजस्वी ने राज्य के बाहर गठबंधन सहयोगियों, जैसे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को लिखे पत्र का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने एसआईआर के मुद्दे पर उनका समर्थन मांगा है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने एक पत्र लिखा है और मुझे उम्मीद है कि संसद सत्र के दौरान यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाया जाएगा।’’

राजद नेता ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘हां, हाल ही में हिंसक अपराध में हुई वृद्धि जैसे कुछ और मुद्दे भी हैं, जिन पर हम सरकार को घेरने की कोशिश करेंगे।’’

बिहार विधानसभा का मानसून सत्र 25 जुलाई तक चलेगा। यह मौजूदा विधानसभा का अंतिम सत्र होगा क्योंकि कुछ ही महीनों में चुनाव होना है।

भाषा संतोष नेत्रपाल

नेत्रपाल


लेखक के बारे में