नवगठित बिहार मंत्रिमंडल की पहली बैठक, पांच साल में युवाओं को एक करोड़ नौकरियां देने का फैसला

नवगठित बिहार मंत्रिमंडल की पहली बैठक, पांच साल में युवाओं को एक करोड़ नौकरियां देने का फैसला

नवगठित बिहार मंत्रिमंडल की पहली बैठक, पांच साल में युवाओं को एक करोड़ नौकरियां देने का फैसला
Modified Date: November 25, 2025 / 01:45 pm IST
Published Date: November 25, 2025 1:45 pm IST

पटना, 25 नवंबर (भाषा) नवगठित बिहार मंत्रिमंडल ने मंगलवार को अपनी पहली बैठक की और अगले पांच साल में राज्य के युवाओं को एक करोड़ नौकरियां देने का फैसला किया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक के बाद मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने और उद्योगों के विस्तार को नई दिशा देने के लिए तेजी से पहल शुरू कर दी है।

सरकार का दावा है कि वर्ष 2020 से 2025 के बीच 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराया गया, जबकि अगले पांच वर्षों (2025-30) में एक करोड़ युवाओं को नौकरी व रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद उद्योगों को बढ़ावा देने और अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कार्यों में तेजी लाई गई है।

उन्होंने कहा कि बदलते बिहार की विकास गति को बल देने के लिए राज्य में प्रौद्योगिकी एवं सेवा आधारित नवाचारों पर आधारित ‘न्यू ऐज इकोनॉमी’ के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है।

मुख्य सचिव ने बताया कि इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जो समिति बनेगी उसमें बिहार से संबंध रखने वाले विभिन्न क्षेत्रों के अग्रणी उद्यमियों, विशेषज्ञों आदि से सुझाव प्राप्त कर नीतियां और योजनाएं बनाई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना और बंद पड़ी पुरानी चीनी मिलों को पुनः चालू करने के लिए भी नीति और कार्ययोजना बनाई गई है।

उन्होंने बताया राज्य में शहरीकरण को बढ़ावा देने के लिए नौ प्रमंडलीय शहरों के साथ साथ सोनपुर और सीतामढ़ी में ‘ग्रीन टाउनशिप’ विकसित की जाएगी।

भाषा कैलाश वैभव शोभना

शोभना


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