Dhamtari SBI Kiosk Scam: ग्रामीणों ने बैंक समझकर जमा किए पैसे, पासबुक अपडेट कराई तो खिसक गई पैरों तले जमीन, मामला जान पुलिस के भी उड़े होश

Dhamtari SBI Kiosk Scam: ग्रामीणों ने बैंक समझकर जमा किए पैसे, पासबुक अपडेट कराई तो खिसक गई पैरों तले जमीन, मामला जान पुलिस के भी उड़े होश

Dhamtari SBI Kiosk Scam: ग्रामीणों ने बैंक समझकर जमा किए पैसे, पासबुक अपडेट कराई तो खिसक गई पैरों तले जमीन, मामला जान पुलिस के भी उड़े होश

Dhamtari SBI Kiosk Scam | Photo Credit: AI

Modified Date: August 24, 2026 / 01:26 pm IST
Published Date: August 24, 2026 1:25 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 1 करोड़ से ज्यादा गबन
  • SBI कियोस्क सेंटर की आड़ में
  • आरोपी फरार

भखारा: Dhamtari Fraud News धमतरी से एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने बैंकिंग व्यवस्था पर भरोसा करने वाले सीधे-सादे ग्रामीणों के होश उड़ा दिए हैं भखारा थाना इलाके में एक शातिर जालसाज ने SBI कियोस्क सेंटर की आड़ में ग्रामीणों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर दिया। (Dhamtari SBI Kiosk Scam) ग्रामीणों को भरोसा था कि उनका पैसा बैंक में सुरक्षित है, लेकिन आरोपी ने बैंकिंग सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर ऐसा खेल खेला कि करीब 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम के गबन का आरोप सामने आया है। आरोपी की पहचान बालोद निवासी केशव साहू उर्फ केशवराम साहू के रूप में हुई है, जो भखारा इलाके में SBI का कियोस्क सेंटर चलाता था।

Dhamtari Fraud News जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों के लिए ये कियोस्क सेंटर किसी बैंक की शाखा से कम नहीं था। किसी को पेंशन निकालनी होती थी। किसी को खाते में रकम जमा करनी होती थी, तो कोई अपनी दिनभर की कमाई बैंक खाते में सुरक्षित रखने के लिए केशव साहू के पास पहुंच जाता था। यानी ग्रामीणों का भरोसा था और इसी भरोसे को आरोपी ने अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया। आरोप है कि केशव साहू ने कियोस्क बैंकिंग सिस्टम के नियमों को दरकिनार करते हुए ग्राहकों से रकम तो लेनी शुरू की, लेकिन बैंक खाते में जमा करने के बजाय रकम को कथित तौर पर अपने निजी खातों में ट्रांसफर करता रहा था। सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि ग्राहकों को मशीन से बाकायदा एंट्री देने के बजाय हाथ से लिखी हुई पासबुक एंट्री दी जाने लगी। ग्रामीणों को लगा कि उनका पैसा बैंक खाते में पहुंच चुका है, लेकिन असलियत कुछ और ही थी।

एक-दो दिन नहीं, बल्कि धीरे-धीरे रकम का ये खेल बढ़ता गया और ग्रामीण अपनी मेहनत की कमाई आरोपी के पास जमा करते रहे। आरोपी कथित तौर पर उस रकम को बैंक में जमा करने के बजाय अपने इस्तेमाल में लाता रहा जब रकम का आंकड़ा करीब 1 करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गया, तो आरोपी अचानक फरार हो गया इसके बाद जब ग्रामीणों को शक हुआ और उन्होंने बैंक जाकर अपने खातों की पासबुक अपडेट कराई, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस रकम को वो बैंक में जमा समझ रहे थे, वो उनके खातों में थी ही नहीं।

पासबुक में एंट्री थी, ग्रामीणों के पास भरोसा था लेकिन बैंक खाते में रकम नहीं थी। यहीं से पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पीड़ित ग्रामीणों ने मामले की शिकायत भखारा थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जांच शुरू कर दी है और फरार केशव साहू की तलाश की जा रही है। पुलिस अब ये भी पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे मामले में कुल कितने लोगों से रकम ली गई। कितनी रकम का गबन हुआ और आरोपी ने इस रकम को कहां-कहां ट्रांसफर किया। इस मामले ने ग्रामीण इलाकों में चल रही कियोस्क बैंकिंग व्यवस्था और उसके जरिए होने वाले लेनदेन पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल ये कि अगर ग्राहक को मशीन से एंट्री नहीं मिली। अगर पासबुक में हाथ से एंट्री की जा रही थी, तो बैंक स्तर पर इसकी निगरानी क्यों नहीं हुई और अगर करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ, तो आखिर इतनी बड़ी रकम की भनक संबंधित सिस्टम को क्यों नहीं लगी। फिलहाल आरोपी फरार है पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

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IBC24 डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं, जहां मेरी जिम्मेदारी मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति सहित प्रमुख विषयों की खबरों की कवरेज और प्रस्तुति है। वर्ष 2016 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हूं और अब तक 10 वर्षों का अनुभव प्राप्त किया है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए न्यूज़ राइटिंग और डिजिटल टूल्स में दक्षता हासिल की है। मेरे लिए पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है—सटीक, तेज और असरदार जानकारी पाठकों तक पहुंचाना मेरा लक्ष्य है। बदलते डिजिटल दौर में खुद को लगातार अपडेट कर, कंटेंट की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध हूं।