Vaishali Court Unique Verdict: अब सलाखों के पीछे कटेंगी 84 साल बुजुर्ग की रातें, कोर्ट ने किया सजा का ऐलान, जानें किस मामले में हुआ जेल
Vaishali Court Unique Verdict: अब सलाखों के पीछे कटेंगी 84 साल बुजुर्ग की रातें, कोर्ट ने किया सजा का ऐलान, जानें किस मामले में हुआ जेल
Vaishali Court Unique Verdict | Photo Credit: AI
- 1992 की घटना में अब फैसला आया
- दीप राय को अदालत ने दोषी ठहराया
- उम्र की लाचारी के बावजूद अपराध की सजा मिली
वैशालीः Vaishali Court Unique Verdict 84 साल की उम्र में जब लोग आराम और परिवार के साथ समय बिताते हैं, लेकिन उस उम्र में बुजुर्ग को जेल जाना पड़ रहा है। बुढ़ापे में सहारे की उम्मीद थी, लेकिन अब उन्हें सलाखों के पीछे रहना होगा। दरअसल, बिहार की एक अदालत (Bihar Court News) ने 1992 में हत्या की कोशिश के मामले में एक बुज़ुर्ग व्यक्ति, दीप राय को दोषी ठहराया है।
क्या है मामला?
Old Criminal Case Verdict पूरा मामला बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड क्षेत्र के जुड़ावनपुर का है, जहां 34 साल पुराने मामले में अदालत ने बड़ा फैसला (34 Year Old Case Verdict) सुनाया है और 84 साल के बुज़ुर्ग व्यक्ति को सजा सुनाया है। घटना 1992 की है, जहां अदालत राय नाम के व्यक्ति अपनी पत्नी रामशकी देवी के साथ अपने घर के दरवाजे पर बैठे थे। तभी दीप राय नाम का व्यक्ति अपने परिवार के साथ हथियारों से लैस होकर वहां पहुंचा और रास्ते पर कांच के टुकड़े बिछाने लगा। जब अदालत राय और उसकी पत्नी ने इसका विरोध किया तो दीप राय और उसके परिवार ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस मामले में पुलिस ने एक ही परिवार के पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
हालांकि, केस की सुनवाई के दौरान ही 5 में से 4 आरोपियों की मौत हो गई परन्तु एक व्यक्ति बच गया, जिनका नाम दीप राय उर्फ जिसा राय है। इसी मामले में सुनवाई पूरी करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने आईपीसी की धारा 147,148,307 और 134 आर्म्स एक्ट के तहत दीप राय को दोषी पाया है।
शरीर साथ नहीं दे रहा पर गुनाह साथ रहा
दरअसल, जिस उम्र में लोग राम भजन करते है उस उम्र में एक वृद्ध जेल की सलाखों के पीछे जा रहा है। वैशाली से आई खबर ध्यान देने वाली है जो अभी सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। इसकी जो तस्वीर सामने आई है इसके अनुसार एक वृद्ध व्यक्ति न्यायालय परिसर से निकल रहा है, जिनका शरीर साथ नहीं दे रहा है। उठने बैठने के लिए भी दो लोगों की जरूरत पड़ रही है। लेकिन कानून का डंडा जब चला तो उम्र की लाचारी और बेबसी इनके काम नहीं आ रही है।
बिहार में 33 साल पुराने केस में 84 साल के बुजुर्ग को भेजा गया जेल, दो लोगों ने सहारा देकर पहुंचाया सलाखों तक। pic.twitter.com/HSlPTwqKAZ
— छपरा जिला 🇮🇳 (@ChapraZila) June 1, 2026
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