इस बार मतदाता जीतेगा…

इस बार मतदाता जीतेगा...

इस बार मतदाता जीतेगा…
Modified Date: November 29, 2022 / 08:46 am IST
Published Date: November 22, 2018 11:07 am IST

यह जनता के जश्न मनाने का समय है। खुद की ताकत पर इतराने का समय है। यह देखकर आनंद लेने का समय है, कि दिग्गज, कद्दावर, बाहुबली, अजेय और ना जाने क्या क्या विशेषण लगाने वाले नेता कैसे थरथर कांप रहे हैं। मतदाताओं ने नेताओं को छठी का दूध याद दिला दिया है। चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल मुखर थे, मतदाता मौन था। एक मेले के मैदान सा दृश्य था जिसमें अलग-अलग राजनीतिक दल अपने-अपने स्टाल लगाए खेल-तमाशे दिखा रहे थे। ये खेल-तमाशे भी बेहद लाउड, भड़कीले और अश्लील थे।

प्रचार अभियान नहीं प्रचार युद्ध में उतरे इन दलों ने मतदाताओं को लुभाने के लिए स्ट्रीपटीज (एक एसा विदेशी नृत्य जिसमें नर्तकी अपने वस्त्र उतारती है) नुमा हरकतों से भी परहेज नहीं किया। ये तमाशा दिखा रहे थे और मतदाता तमाशबीन था। प्रदेश की प्रमुख दोनों राजनीतिक पार्टियों के विज्ञापनों में सतरंगी भविष्य का जिक्र था, वर्तमान की ब्लैक एंड व्हाइट स्थिति को राजनेता अपने भाषणों में इग्नोर करने का आग्रह कर रहे थे, लेकिन मंचों के सामने खड़ा वोटर इस बार मैच्योर था। रैलियों, सभाओं, रोड-शो में भीड़ बनकर जा रहा मतदाता दरअसल भीड़ नहीं था वह अपना बुरा-भला समझने वाला जिम्मेदार व्यक्ति था।

सालों से सत्ता के खुमार में गाफिल नेता ये समझ नहीं पाए कि जनता, मतदाता शब्द में लगे दाता का अर्थ समझ गई है । वो जान गई है कि असल में देने वाली वो खुद है और याचक राजगद्दी पर चढ़े लोग। इस ताकत के अहसास ने छत्तीसगढ़ के 1 करोड़ 86 लाख मतदाताओं को अच्छे-बुरे में फर्क करने की तार्किक क्षमता दे दी। अपनी इस क्षमता का उपयोग वोटर्स ने इस बार दोनों चरणों के मतदान में किया। पहले चरण की 18 सीटों के मतदान के बाद एसे संकेत मिल रहे थे, कि मतदाता कन्फ्यूज नहीं है, लेकिन 20 नवंबर को 72 सीटों पर मतदान ने यह प्रमाणित कर दिया कि मतदाता इस बार खुद नहीं प्रत्याशियों को कन्फ्यूज करेंगे।

अब वोटिंग पूरी होने के बाद प्रदेश की सभी 90 सीटों से जो रुझान हैं चौंकाने वाले हैं। संकेत, सत्ता परिवर्तन का है। 15 साल की सरकार के बहुमत की नींव में दरार दिख रही है। अभी परिणाम को 19 दिन बचे हैं, लेकिन मतदान पूर्ण होने के बाद जो आभास हो रहा है वो नए शपथ ग्रहण में चेहरे बदले होने का है। इसके साथ ही एक और सकारात्मक संकेत मिल रहा है, वह है 18 साल के छत्तीसगढ़ के वोटर्स के “युवा” होने का। युवा से आशय परिपक्व होने का है। अब मतदाता वोट करने से पहले सोचने लगा है। वह सरकार, उसके मंत्रीमंडल, उसकी नीतियों, उसकी घोषणाओं और सबसे बड़ी बात कि उसके वादों की विश्वसनीयता पर विचार कर रहा है। मतदाता यह सोच रहा है कि मेरा प्रतिनिधित्व करने वाला विधायक बतौर लीडर कैसा है और बतौर इंसान कैसा है।

उसकी राजनीतिक पार्टी पर विचार बाद में करता है। इसी का उदाहरण है कि मतदान के बाद मुख्यमंत्री, एसे विधायक और मंत्री सेफ जोन में दिख रहे हैं जिनकी छबि अच्छे इंसान के बतौर है। जो जमीन पर रहे हैं, जिनका जनता से संपर्क रहा है। एसे विधायक, मंत्री सांसत में हैं जिन्होंने जनता को सत्ता की सीढ़ी समझा और सिंहासन पर जम गए। जनता नीचे से इन्हें ताकती रही। पिछले 15 सालों में एसे लोगों की तादात बढ़ती भी रही। हालात राजा और प्रजा जैसे हो गए और जैसा हमेशा होता रहा है, राजा, राजधानी में रम गए और सेनापति, मंत्रियों ने बचे राज्य को चारागाह बना लिया।

जब अवाम के जिस्म की चमड़ी जरूरत के कोड़े उधेड़ने लगे तो खलबली मची। जनता ने इस बात को भी समझा, कि ये लोकतंत्र है। यहां बगावत नहीं होगी, क्रांति नहीं होगी, विद्रोह नहीं होगा। यहां सही समय का इंतजार करना होगा। जनता ने किया और वोट से चोट की। जो दृश्य दिखाई दे रहा है, उससे लगता तो है कि चोट सही जगह पर हुई है। प्रदेश के 13 मंत्रियों में से 8 की जीत पर संशय है। प्रदेश के कई सिटिंग एमएलए की हार तय होने की खबरें हैं। ये फैसला वही अवाम सुना रही है जिसने तीन बार लगातार यहां एक ही पार्टी को राजतिलक लगाया है। छत्तीसगढ़ 18 साल का हो गया है।

इन 18 साल में वोटर्स की एक पीढ़ी तैयार हो गई है जो लोकतंत्र का अर्थ ज्यादा बेहतर समझती है, संविधान समझती है और सेवा और सत्ता का अर्थ समझती है। यह पीढ़ी अंग्रेजी के “मोनोपाली” शब्द का अर्थ और उसके नुकसान भी समझती है। यह प्रमाणित थ्योरी है कि सत्ता का एकाधिकार, तानाशाही में बदल जाता है। 11 दिसंबर को आने वाला रिजल्ट जो भी हो, इस बात का संदेश और चेतावनी तो जरूर देगा कि छत्तीसगढ़ के शहर स्मार्ट हुए ना हुए वोटर जरूर स्मार्ट हो गया है।

विश्वेश ठाकरे 

 


लेखक के बारे में

Shahnawaz Sadique is a digital marketing powerhouse with over 15 years of experience in the industry. His expertise encompasses a wide range of skills, from content writing and affiliate marketing to product launches and email campaigns. With 15 years of experience in social media, SMM, and SEO, he's an expert at helping businesses increase their online reach. From travel to business, education, media, tech, and cyber security, Shahnawaz has a proven track record of delivering results for clients across various sectors. Shahnawaz is also working as Sr. Digital Marketing Manager @ IBC24 News. He has a 9+ years of releveant experince in news industry as well. Want to take your media company to the next level? Look no further than Shahnawaz Sadique, He has been featured in top publications like FoxNews, Yahoo, MSN, WordStream, TastyEdits, LifeWire, SheFinds , Tech.Co and many more. the ultimate digital marketing pro.