Balaghat District Hospital Video: ‘रेफर सिस्टम बंद करो’….प्रसूता को रेफर करने पर भड़की विधायक, डॉक्टरों की लगा दी क्लास!

Balaghat District Hospital Video: 'रेफर सिस्टम बंद करो'....प्रसूता को रेफर करने पर भड़की विधायक, डॉक्टरों की लगा दी क्लास!

Balaghat District Hospital Video: ‘रेफर सिस्टम बंद करो’….प्रसूता को रेफर करने पर भड़की विधायक, डॉक्टरों की लगा दी क्लास!

Balaghat District Hospital Video: 'रेफर सिस्टम बंद करो'....प्रसूता को रेफर करने पर भड़की विधायक, डॉक्टरों की लगा दी क्लास! /image: IBC24

Modified Date: August 1, 2026 / 02:48 pm IST
Published Date: August 1, 2026 2:32 pm IST
HIGHLIGHTS
  • निजी अस्पताल रेफर की गई गर्भवती महिला को विधायक वापस जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं
  • विधायक ने जिला अस्पताल में रेफरल व्यवस्था और मरीजों की देखभाल पर सवाल उठाए
  • सिविल सर्जन ने कहा कि हाईरिस्क मामलों में परिजनों की लिखित सहमति आवश्यक होती है

बालाघाट। Balaghat District Hospital Videoबालाघाट जिला अस्पताल में गर्भवती महिला को प्रसव से पहले हाईरिस्क बताकर निजी अस्पताल रेफर किए जाने का मामला अब तूल पकड़ गया है। विधायक अनुभा मुंजारे खुद निजी अस्पताल से प्रसूता को वापस जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। विधायक ने कहा कि जिला अस्पताल इलाज के लिए है, रेफर करने के लिए नहीं। वहीं सिविल सर्जन ने सफाई देते हुए कहा कि हाईरिस्क मामलों में परिजनों की सहमति यानी कंसर्न जरूरी होता है।

जानें पूरा मामला

विधायक अनुभा मुंजारे के परिचित परिवार की गर्भवती महिला प्रीति को गुरुवार को प्रसव के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। विधायक का आरोप है कि पूरे दिन महिला की ठीक से जांच नहीं की गई और बाद में प्रसव को हाईरिस्क बताकर निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजन महिला को शहर के एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन इसकी जानकारी मिलने पर विधायक स्वयं वहां पहुंचीं और प्रसूता को वापस जिला अस्पताल लेकर सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन के कक्ष पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने प्रसव वार्ड की व्यवस्था, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और मरीजों की अनदेखी को लेकर अस्पताल प्रबंधन पर नाराजगी जताई।

विधायक ने डॉक्टरों की लगा दी क्लास

Balaghat District Hospital Video विधायक ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में महिला चिकित्सक अपनी जिम्मेदारी से बच रही हैं और मरीजों व उनके परिजनों को इतना डरा दिया जाता है कि वे मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख कर लेते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिला अस्पताल में मरीजों को रेफर करने की व्यवस्था नहीं बदली गई तो जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।

Balaghat District Hospital Video वहीं सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन ने कहा कि हाईरिस्क मामलों में परिजनों की लिखित सहमति यानी कंसर्न जरूरी होता है। पहले परिजन सहमति नहीं दे रहे थे, लेकिन अब कंसर्न मिलने के बाद महिला को दोबारा भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.