CBSE Student Sarthak Sidhant Blog || ANI News File
नई दिल्ली: कक्षा 12 के छात्र सार्थक सिद्धांत ने सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि टेंडर के नियमों में कई ऐसे बदलाव किए गए, जिनसे एक विशेष कंपनी को फायदा मिल सकता था। (CBSE Student Sarthak Sidhant Blog) सार्थक ने अपने ब्लॉग में कई सीबीएसई टेंडर दस्तावेजों की तुलना करते हुए करीब 15 गड़बड़ियों का जिक्र किया है। सिद्धांत के मुताबिक कुछ अहम नियम पुराने टेंडर में मौजूद थे, लेकिन बाद में उन्हें हटा दिया गया।
IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े
सार्थक के अनुसार, सीबीएसई ने OSM प्रणाली के लिए तीन अलग-अलग टेंडर जारी किए थे। पहला टेंडर बाद में पोर्टल से हटा दिया गया, दूसरे में सभी बोलीदाताओं को तकनीकी मूल्यांकन में असफल घोषित कर दिया गया और तीसरा टेंडर आख़िरकार एक एडटेक कंपनी को मिला। सार्थक ने दावा किया कि पुराने टेंडर में खराब प्रदर्शन करने वाली कंपनी को अयोग्य घोषित करने का प्रावधान था, लेकिन नए दस्तावेज में यह शर्त हटा दी गई। इसके अलावा ब्लैकलिस्टिंग, वित्तीय पात्रता, सीएमएमए स्तर और परियोजना से जुड़ी कुछ शर्तों में भी बदलाव किए गए।
सार्थक ने बताया कि इस विषय में उनकी रुचि एक एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी के साथ काम करने के दौरान बढ़ी। इसके बाद उन्होंने अन्य पत्रकारों के साथ मिलकर दस्तावेजों का अध्ययन किया और अपनी जानकारी ब्लॉग में प्रकाशित की। (CBSE Student Sarthak Sidhant Blog) उन्होंने उम्मीद जताई कि सीबीएसई उनके उठाए गए सवालों का जवाब देगा और टेंडर प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद और टेंडर से जुड़ा डेटा लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध होना चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
सार्थक ने कहा कि ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली एक अच्छा बदलाव हो सकती है, लेकिन इसे लागू करने से पहले व्यापक परीक्षण और पायलट प्रोजेक्ट किए जाने चाहिए थे। उनका मानना है कि किसी भी नई व्यवस्था को पूरी तैयारी के साथ लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार के उस फैसले का भी स्वागत किया, जिसमें अगले वर्ष से छात्रों को अंकों के साथ उनकी उत्तर पुस्तिकाएं भी उपलब्ध कराने की बात कही गई है। सार्थक के अनुसार, इससे मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।
IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें
सार्थक ने बताया कि वह स्वयं भी इस वर्ष सीबीएसई परीक्षा में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि उन्हें उत्तर पुस्तिकाओं की जांच और अंक देने की प्रक्रिया में कुछ समस्याएं महसूस हुईं। (CBSE Student Sarthak Sidhant Blog) हालांकि उनके अनुसार वे अपेक्षाकृत भाग्यशाली रहे क्योंकि उनकी अधिकांश स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं स्पष्ट थीं। अब वे पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से अपनी कुछ आपत्तियों को उठाएंगे।
#WATCH | Ranchi, Jharkhand | A class 12th student, Sarthak Sidhant, says, “…I have written a blog that compares the tender documents of CBSE. I have uploaded and published it… There were at least 15 discrepancies, as per my blog. I would like to highlight three or four of them.… pic.twitter.com/TtL7DgOe9M
— ANI (@ANI) May 30, 2026
रक्षा सचिव ने सिंगापुर में ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय संघ और नीदरलैंड के अधिकारियों से मुलाकात की
राबड़ी देवी ने अपना बंगला अन्य मंत्री को आवंटित किये जाने पर कहा, ‘मुझे बलपूर्वक हटाना होगा’
जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के लिए तैयार हैं सशस्त्र बल : जनरल उपेंद्र द्विवेदी
पूरी तरह आत्मनिर्भर होने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है भारत का रक्षा क्षेत्र : राजनाथ सिंह
कोरबा में 35 लाख रूपए की लागत से साल बीज प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की योजना