CBSE Student Sarthak Sidhant: CBSE स्टूडेंट ने किया OSM सिस्टम पर सनसनीखेज खुलासा.. बड़ा सवाल, आखिर किसे फायदा पहुँचाने दी गई थी नियमों में ढील?..

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CBSE Student Sarthak Sidhant Blog on OSM System: सीबीएसई छात्र सार्थक सिद्धांत ने OSM टेंडर प्रक्रिया में बदलावों पर सवाल उठाकर पारदर्शिता की मांग की।

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  • Publish Date - May 30, 2026 / 06:00 PM IST,
    Updated On - May 30, 2026 / 06:04 PM IST

CBSE Student Sarthak Sidhant Blog || ANI News File

HIGHLIGHTS
  • छात्र सार्थक ने OSM टेंडर में कथित अनियमितताओं का दावा किया।
  • कई शर्तें हटाकर विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाने का आरोप।
  • मूल्यांकन और टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने की मांग।

नई दिल्ली: कक्षा 12 के छात्र सार्थक सिद्धांत ने सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि टेंडर के नियमों में कई ऐसे बदलाव किए गए, जिनसे एक विशेष कंपनी को फायदा मिल सकता था। (CBSE Student Sarthak Sidhant Blog) सार्थक ने अपने ब्लॉग में कई सीबीएसई टेंडर दस्तावेजों की तुलना करते हुए करीब 15 गड़बड़ियों का जिक्र किया है। सिद्धांत के मुताबिक कुछ अहम नियम पुराने टेंडर में मौजूद थे, लेकिन बाद में उन्हें हटा दिया गया।

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सार्थक के अनुसार, सीबीएसई ने OSM प्रणाली के लिए तीन अलग-अलग टेंडर जारी किए थे। पहला टेंडर बाद में पोर्टल से हटा दिया गया, दूसरे में सभी बोलीदाताओं को तकनीकी मूल्यांकन में असफल घोषित कर दिया गया और तीसरा टेंडर आख़िरकार एक एडटेक कंपनी को मिला। सार्थक  ने दावा किया कि पुराने टेंडर में खराब प्रदर्शन करने वाली कंपनी को अयोग्य घोषित करने का प्रावधान था, लेकिन नए दस्तावेज में यह शर्त हटा दी गई। इसके अलावा ब्लैकलिस्टिंग, वित्तीय पात्रता, सीएमएमए स्तर और परियोजना से जुड़ी कुछ शर्तों में भी बदलाव किए गए।

पारदर्शिता बढ़ाने की मांग

सार्थक ने बताया कि इस विषय में उनकी रुचि एक एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी के साथ काम करने के दौरान बढ़ी। इसके बाद उन्होंने अन्य पत्रकारों के साथ मिलकर दस्तावेजों का अध्ययन किया और अपनी जानकारी ब्लॉग में प्रकाशित की। (CBSE Student Sarthak Sidhant Blog) उन्होंने उम्मीद जताई कि सीबीएसई उनके उठाए गए सवालों का जवाब देगा और टेंडर प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद और टेंडर से जुड़ा डेटा लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध होना चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

OSM सिस्टम पर भी रखी राय

सार्थक ने कहा कि ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली एक अच्छा बदलाव हो सकती है, लेकिन इसे लागू करने से पहले व्यापक परीक्षण और पायलट प्रोजेक्ट किए जाने चाहिए थे। उनका मानना है कि किसी भी नई व्यवस्था को पूरी तैयारी के साथ लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार के उस फैसले का भी स्वागत किया, जिसमें अगले वर्ष से छात्रों को अंकों के साथ उनकी उत्तर पुस्तिकाएं भी उपलब्ध कराने की बात कही गई है। सार्थक के अनुसार, इससे मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।

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सार्थक ने बताया कि वह स्वयं भी इस वर्ष सीबीएसई परीक्षा में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि उन्हें उत्तर पुस्तिकाओं की जांच और अंक देने की प्रक्रिया में कुछ समस्याएं महसूस हुईं। (CBSE Student Sarthak Sidhant Blog) हालांकि उनके अनुसार वे अपेक्षाकृत भाग्यशाली रहे क्योंकि उनकी अधिकांश स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं स्पष्ट थीं। अब वे पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से अपनी कुछ आपत्तियों को उठाएंगे।

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Q1. सार्थक सिद्धांत ने सीबीएसई के किस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं?

Ans: उन्होंने OSM प्रणाली से जुड़े टेंडर नियमों में बदलाव और पारदर्शिता पर सवाल उठाए।

Q2. OSM प्रणाली क्या है?

Ans: OSM यानी ऑन स्क्रीन मार्किंग, उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन की प्रक्रिया है।

Q3. सार्थक सिद्धांत की मुख्य मांग क्या है?

Ans: टेंडर प्रक्रिया और मूल्यांकन व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता तथा सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।