Nepal Flood Latest News: नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने ले ली 100 की जान, सीएम साय ने जताया दुख, छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने ले ली 100 की जान, सीएम साय ने जताया दुख, छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी, CM Sai on Nepal Flood

Nepal Flood Latest News: नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने ले ली 100 की जान, सीएम साय ने जताया दुख, छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
Modified Date: August 27, 2026 / 12:00 am IST
Published Date: August 26, 2026 11:59 pm IST

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नेपाल में भीषण बाढ़ एवं भूस्खलन से हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत लोगों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में पूरा भारत एकजुटता के साथ नेपाल के पीड़ितों के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान पशुपतिनाथ से दिवंगत आत्माओं की शांति, शोकसंतप्त परिवारों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने तथा लापता लोगों के सकुशल होने की प्रार्थना की है।

हेल्पलाइन नंबर जारी

नेपाल में बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सहायता के लिए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। प्रदेश के नागरिक अथवा उनके परिजन सहायता एवं आवश्यक जानकारी के लिए आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन 1070 तथा दूरभाष +91-771-2223471 पर संपर्क कर सकते हैं।

100 लोगों की मौत

बता दें कि नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह 9 बजे अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचा दी। सुबह 9 बजे तिब्बत की दिशा से भोटेकोशी नदी में अचानक पानी का तेज बहाव आया जिसमें कई इलाके चपेट में आ गए। नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक 100 लोगों के मौत हो चुकी है। नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक 1000 से ज्यादा लोगों का पता नहीं चल रहा है। इनमें 133 भारतीय समेत 300 से ज्यादा विदेशी पर्यटक हैं। नेपाली अधिकारियों का कहना है कि एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। जिस ग्लेशियल झील के फटने से अचानक बाढ़ आई थी, वहां अभी भी करीब 7 मीटर ऊंचा डैम बना हुआ है। यह कभी भी टूट सकता है।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।