Horn Ban in Nainital: अब इस इलाके में हॉर्न बजाना पड़ेगा महंगा, धोखे से भी आई आवाज तो देना होगा इतने रुपए जुर्माना, जानिए प्रशासन ने क्यों लिया ऐसा फैसला

अब इस इलाके में हॉर्न बजाना पड़ेगा महंगा, धोखे से भी आई आवाज तो देना होगा इतने रुपए जुर्माना, Govt Ban On Horn in Nainital Mall Road

Horn Ban in Nainital: अब इस इलाके में हॉर्न बजाना पड़ेगा महंगा, धोखे से भी आई आवाज तो देना होगा इतने रुपए जुर्माना, जानिए प्रशासन ने क्यों लिया ऐसा फैसला
Modified Date: July 30, 2026 / 06:25 pm IST
Published Date: July 30, 2026 6:25 pm IST

नैनीताल। Govt Ban On Horn in Nainital: उत्तराखंड की प्रसिद्ध पर्यटन नगरी नैनीताल की ऐतिहासिक माल रोड पर 1 अगस्त 2026 से ‘नो हॉर्निंग जोन’ लागू किया जाएगा। उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में जिला प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। नए नियम के तहत माल रोड पर हॉर्न बजाने वाले वाहन चालकों पर ₹1000 का जुर्माना लगाया जाएगा। बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

Govt Ban On Horn in Nainital: कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने बताया कि माल रोड पर वाहनों के लगातार हॉर्न बजाने से पर्यटकों, स्थानीय नागरिकों और पैदल घूमने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शोर-शराबे को नियंत्रित करने और शांत वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से माल रोड को ‘नो हॉर्निंग जोन’ घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य नैनीताल आने वाले पर्यटकों को झील किनारे शांत और प्रदूषणमुक्त वातावरण में भ्रमण का अनुभव कराना है। स्थानीय लोग इस व्यवस्था से पहले से परिचित हैं और इसका पालन भी कर रहे हैं। अब प्रशासन बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों और वाहन चालकों को भी इस नियम की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाएगा।

प्रशासन ने वाहन चालकों से की ये अपील

प्रशासन ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि माल रोड में प्रवेश करते समय हॉर्न का प्रयोग न करें तथा पैदल यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। प्रशासन का कहना है कि नियम का सख्ती से पालन कराया जाएगा, ताकि नैनीताल की पहचान शांत और स्वच्छ पर्यटन स्थल के रूप में और मजबूत हो सके।


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।