Supreme Court On Namaz In Bhojshala : भोजशाला मामले में SC ने मुस्लिम पक्ष को दी बड़ी राहत! अब इस जगह 2 घंटे पढ़ सकेंगे नमाज़, प्रशासन को मिले सख्त निर्देश
धार स्थित भोजशाला परिसर के पास नमाज़ की जगह को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को राहत दी है। अदालत ने प्रशासन को सहमति वाली ज़मीन चिन्हित कर हर शुक्रवार दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज़ की अनुमति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
- भोजशाला मामले में मुस्लिम पक्ष को सुप्रीम कोर्ट से राहत।
- धार्मिक अधिकार और कानून व्यवस्था दोनों सुनिश्चित करने की टिप्पणी।
- प्रशासन को सहमति वाली ज़मीन तय करने का निर्देश।
नई दिल्ली : Supreme Court On Namaz In Bhojshala : मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर के पास नमाज़ अदा करने की जगह की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट से मुस्लिम पक्ष को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने धार कलेक्टर और स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया है कि भोजशाला के पास स्थित दरगाह की ज़मीन पर मुस्लिम समुदाय को नमाज़ पढ़ने की अनुमति प्रदान करें।
शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 के बीच हो सकेगी नमाज़
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, मुस्लिम पक्ष को खसरा नंबर 596 या 611 में आने वाली ज़मीन पर शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज़ अदा करने की इजाज़त दी गई है। सुनवाई के दौरान अदालत ने बेहद अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था के साथ धार्मिक हक देना भी सरकार का फ़र्ज़ है।
SC से मुस्लिम पक्ष को मिली राहत
कोर्ट ने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धार कलेक्टर मुस्लिम पक्ष के साथ मिलकर किसी सहमति वाली ज़मीन को चिह्नित करें और नमाज़ के लिए स्थान उपलब्ध कराएं।Bhojshala Latest News अदालत के निर्देशों के बाद मुस्लिम पक्ष को राहत मिल चुकी है और धार भोजशाला के पास नमाज़ की जगह की मांग पूरी हो चुकी है।
भोजशाला के पास नमाज की जगह की मांग का मामला.. SC से मुस्लिम पक्ष को मिली राहत#MPNews | #MadhyaPradesh | MP News | MadhyaPradesh
— IBC24 News (@IBC24News) July 30, 2026
ये भी पढ़ें
- Pooja Hegde New Look: चॉकलेटी ड्रेस, दिलकश अंदाज और Pooja Hegde का जादू.. तस्वीरें देख हो जाएंगे फिदा!
- Sawan 2026 Sadesati: क्या साढ़ेसाती और ढैय्या ने रोक रखी है आपकी तरक्की? जानें, इन उपायों से कैसे विफल हो जाती है साढ़ेसाती की वक्र दृष्टि?
- Chhattisgarh ka Anokha School Kaha Hai: छात्र तो नहीं…कुत्ता रोज समय से पहुंच जाता है स्कूल, छत्तीसगढ़ का अनोखा सरकारी स्कूल जहां टीचर तो हैं, लेकिन स्टूडेंट एक भी नहीं

Facebook


