राष्ट्र की सेवा करना है चाहत, बतूल असद, अलीराजपुर
राष्ट्र की सेवा करना है चाहत, बतूल असद, अलीराजपुर
सामाजिक बंदिशों के बावजूद पिता ने दी पढ़ने की स्वतंत्रता तो बेटी ने दिया ऐसा तोहफा कि वे झूम उठे। उसने अपनी आंखों में संजोए सपने को कड़ी मेहनत से साकार किया।
शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्म स्थली भाभरा (अब चंद्रशेखर आजाद नगर) निवासी बतूल असद ने अलीराजपुर जिले में सर्वाधिक अंक अर्जित कर जिले की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। बतूल ने वर्ष 2018-19 में 12वीं कक्षा में 500 में से 465 अंक हासिल कर जिले में प्रथम स्थान बनाया है। मध्यम परिवार में जन्मी और पली-बढ़ी बतूल की एक और उपलब्धि यह भी है कि उसने कला संकाय में प्रदेश स्तर पर टॉप 10 विद्यार्थियों की सूची में भी जगह बनाई है। बतूल बचपन से ही एक होनहार और परिश्रमी विद्यार्थी रही है। पढ़ाई के अलावा सामाजिक और सांस्कृतिक क्रियाकलापों में बतूल की खासी रूचि है। असद दंपत्ति की दो बेटियों में छोटी बेटी बतूल ने अपने माता-पिता को अपनी प्रेरणा मान कड़ी मेहनत की और अपनी आंखों में संजोए सपनो को परिश्रम से साकार किया। बारहवीं कक्षा में अव्वल आने के बाद अब बतूल दिल्ली में रह कर न्च्ैब् की तैयारी करना चाहती है। बतूल का सपना है कि वो एक आईएएस अधिकारी बन कर देश की मुख्यधारा से जुड़ते हुए राष्ट्र की सेवा कर सके। अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिवार को देते हुए बतूल कहती है कि समाज में तमाम धार्मिक बंदिशों के बावजूद माता-पिता ने हमे पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान की और हमेशा पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया। उनके सहयोग का ही नतीजा है कि आज मैं यह मुकाम हासिल कर पाई। पढ़ाई के अलावा बतूल को लिटरेचर व नॉवेल पढ़ने का भी शौक है। वह अब तक स्वामी विवेकानंद, एपीजे अब्दुल कलाम, चाणक्य सहित कई महान हस्तियों के जीवन पर आधारित किताबें पढ़ चुकी है। बतूल का कहना है कि उससे उन्हें जीवन के हर पड़ाव पर प्रेरणा मिलती रही है।

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