लगातार श्रम से मिली सफलता, प्रिंस गुप्ता, सीधी- संभाग टाॅपर
लगातार श्रम से मिली सफलता, प्रिंस गुप्ता, सीधी- संभाग टाॅपर
समर्पण ही सफलता की नींव हैं और समर्पण कर्तव्यों के इल्म से आता है। सभी सवालों का हल स्वयं के तरीकों से निकालने का प्रयास करना चाहिए, क्योंकि विजेता कुछ अलग नहीं करते बल्कि अलग तरीके से करते हैं। विद्यार्थी यदि साधक हैं तो माता-पिता और गुरुजन साध्य होते हैं।
प्रदेश में 12वीं की मेरिट लिस्ट में सातवां और सीधी जिले की मेरिट में दूसरा स्थान लाने वाले प्रिंस गुप्ता ने सीमित संसाधन के बीच 500 में से 477 (95.4 फीसदी) अंक हासिल किए हैं। एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्में प्रिंस के पिता मेवालाल गुप्ता एक व्यापारी हैं और माता जान्हलवी एक गृहिणी हैं। प्रिंस की एक बड़ी बहन वर्षा गुप्ता स्टाफ नर्स का प्रशिक्षण ले रही है और छोटा भाई पियूष अभी पढ़ाई कर रहा है। प्रिंस का मानना है कि समर्पण ही सफलता की नींव हैं और समर्पण कर् के इल्म से आता है। प्रिंस का कहना है कि सभी सवालों का हल स्वयं के तरीकों से निकालने का प्रयास करना चाहिए, क्योंकि विजेता कुछ अलग नहीं करते बल्कि अलग तरीके से करते हैं। प्रिंस की सोच है कि विद्यार्थी यदि साधक हैं तो माता-पिता और गुरुजन साध्य होते हैं। प्रिंस गणित, भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान में अपने-आप को प्राविण्य देखना चाहता है। उसका यह मुकाम उसी लक्ष्य की पहली सीढ़ी है। प्रिंस के सपने को साकार करने में माता पिता उसकी पूरी मदद करते हैं। प्रिंस की पढ़ाई के अलावा क्रिकेट, शतरंज में भी रुचि है। IBC24 द्वारा दी जा रही प्रोत्साहन राशि की बात सुन कर प्रिंस व उसके परिवार बहुत खुश है। माता- पिता का कहना है कि इस राशि का उपयोग उसके सपने को पूरा करने में करेंगे।

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