किसान का बेटा बनना चाहता है आईएएस सचिन दुबे भिंड
किसान का बेटा बनना चाहता है आईएएस सचिन दुबे भिंड
सुबह कोचिंग फिर रोजाना 6 से 7 घंटे पढ़ाई और फिर टॉपर सीनियर्स से मिली प्रेरणा। किसान पिता की संतान सचिन को इन्हीं बातों ने टॉपर्स की लिस्ट में शामिल करवा दिया। सचिन ने चंबल संभाग में चैथा स्थान पाया है।
मध्यप्रदेश में इस बार के बारहवीं के नतीजों में भिंड जिले के सचिन दुबे ने 500 में से 481 अंक पाकर चंबल संभाग में चैथा स्थान पाया है। सचिन शहर के सिटी सेंट्रल स्कूल के छात्र हैं। सचिन के पिता नंदलाल दुबे किसान हैं और किसानी करके अपने परिवार का पेट भरते है। माता-पिता की इकलौती संतान सचिन इस सफलता का पूरा श्रेय अपनी बुआ को देते हैं। सचिन सुबह कोचिंग पर जाते थे और रोजाना 6 से 7 घंटे पढाई किया करते थे। सचिन को पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट का भी बहुत शौक है। सचिन सोशल मीडिया में ट्विटर को अधिक पसंद करते है। उनका मानना है कि ट्विटर पर कई राजनीतिक पार्टियों पर ट्वीट करने का मौका मिलता है। सचिन को दूसरी किताबें भी पढ़ना अच्छा लगता है। सचिन को प्रेरणा उन सीनियरों से मिली जिन्होंने टॉप किया था। प्रदेश के मुखिया कमलनाथ ने खुद सचिन को भोपाल बुलाकर सम्मानित किया। सचिन आईएएस बनकर जनता की सेवा करना चाहते है। चबंल के इलाके में बेटियों के साथ-साथ बेटों का आगे बढ़ना काफी महत्व रखता है। सचिन अपने जैसे दूसरे छात्रों को भी संदेश दे रहे हैं कि वे भी मेहनत करके अच्छे से पढाई करें, तभी उन्हें सफलता मिल सकेगी।

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