Iran Major Announcement on the Strait of Hormuz || Image- NBC News file
तेहरान: व्यापारिक दृष्टिकोण से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज’ में कई देशों के जहाज फंस हुए है। अलग-अलग देश ईरान से संपर्क में है और अपने जहाज़ों के सुरक्षित निकासी के लिए वार्ता कर रहे है। इनमें भारत के भी करीब 22 जहाज शामिल है। इन 22 में से 6 जहाज एलपीजी कैरियर है। (Iran Major Announcement on the Strait of Hormuz) भारत सरकार भी ईरानी सरकार से इस संबंध में चर्चा कर रही है। हालाँकि इससे पहले भारत के शिवालिक और नंदा समेत तीन जहाजों को स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से हरी झंडी मिल गई थी और वे स्वदेश पहुँच चुके है।
इस बीच ईरानी सरकार ने जापान के सामने सशर्त निकासी का विकल्प रखा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास आराघ्ची ने कहा है कि, अगर जापान तेहरान से समन्वय स्थापित करता है तो उनके जहाज़ों को भी स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से सुरक्षित तरीके से रवाना होने दे दिया जाएगा।
Iranian Foreign Minister Abbas Araghchi says Iran will help Japanese ships safely pass through the Strait of Hormuz if they coordinate with Tehran.
Source: Kyodo News pic.twitter.com/e1YgBXOain
— Clash Report (@clashreport) March 21, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के साथ चल रहे युद्ध में फिलहाल युद्धविराम (सीजफायर) नहीं चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जब एक पक्ष दूसरे पर बढ़त बना रहा हो, तब सीजफायर का कोई मतलब नहीं होता। पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि “हम बातचीत कर सकते हैं, लेकिन मैं सीजफायर नहीं चाहता।”
ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज को लेकर कहा कि यह एक समय पर “खुद ही खुल जाएगा।” (Iran Major Announcement on the Strait of Hormuz) उन्होंने यह भी कहा कि इस रास्ते को सुरक्षित बनाने के लिए कई देशों की मदद की जरूरत है और अगर चीन और जापान जैसे देश इसमें शामिल हों तो अच्छा रहेगा।
दरअसल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह एक संकरा समुद्री मार्ग है जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और आगे अरब सागर से जोड़ता है। यह समुद्री मार्ग ईरान और ओमान के बीच स्थित है। दुनिया का लगभग 20% तेल इसी मार्ग से जहाजों के जरिए गुजरता है, जिससे खाड़ी देशों का तेल दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचता है।
इस समुद्री मार्ग की सबसे संकरी चौड़ाई लगभग 33 किमी है और हर दिन करीब 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल यहां से ट्रांसपोर्ट होता है। इसलिए अगर यहां तनाव या युद्ध की स्थिति बनती है तो वैश्विक तेल प्रासंगिक, उपलब्धता चेन और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है। (Iran Major Announcement on the Strait of Hormuz) इसी वजह से इसे दुनिया का सबसे संवेदनशील तेल “चोक-पॉइंट” माना जाता है और जब ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता है तो यह क्षेत्र वैश्विक चर्चा का केंद्र बन जाता है।
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