शह मात The Big Debate: मोहन का ‘मिशन निवेश’.. सियासी क्लेश! विपक्ष ने सरकार की नीति पर उठाएं सवाल, क्या विकास की इस दौड़ में भी हावी रहेगी सियासत?

मोहन का 'मिशन निवेश'.. सियासी क्लेश! विपक्ष ने सरकार की नीति पर उठाएं सवाल, Madhya Pradesh Government on Mission Investment

शह मात The Big Debate: मोहन का ‘मिशन निवेश’.. सियासी क्लेश! विपक्ष ने सरकार की नीति पर उठाएं सवाल, क्या विकास की इस दौड़ में भी हावी रहेगी सियासत?
Modified Date: August 18, 2026 / 12:03 am IST
Published Date: August 17, 2026 11:55 pm IST

भोपाल: Government on Mission Investment मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का ‘मिशन निवेश’ तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास एवं क्रियान्वयन ट्रस्ट की तीसरी एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की बैठक में हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्रियों और नीति आयोग के पदाधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस बैठक में मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में भारत औद्योगिक विकास योजना यानी भव्य, एक्सप्रेस-वे आधारित औद्योगिक विकास और लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर भी मंथन हुआ। सरकार का फोकस निवेश के साथ-साथ उद्योगों के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी तैयार करने पर है।

Government on Mission Investment सरकार के इन दावों के बीच कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि निवेश के प्रस्तावों का असर जमीन पर कितना दिखाई दे रहा है और इससे रोजगार के कितने अवसर पैदा हुए हैं। वहीं बीजेपी का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश का माहौल तैयार करना है। बीजेपी ने कांग्रेस पर विकास के मुद्दे पर भी राजनीति करने का आरोप लगाया है।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से लेकर मुख्यमंत्री की विदेश यात्राओं और रोड शो तक, सरकार लगातार मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। औद्योगिक कॉरिडोर और बेहतर लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी के जरिए इन निवेश प्रस्तावों को तेजी से जमीन पर उतारने की उम्मीद है। लेकिन सवाल ये है कि क्या विकास की इस दौड़ में भी सियासत हावी रहेगी?

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।