Neha Marvya IAS Controversy: आईएएस नेहा मारव्या का 50 दिन के भीतर दूसरी बार तबादला, अफसरों के ग्रुप में बयां किया दर्द, कहा- कर्मचारियों ने दी थी ट्रांसफर करवाने की धमकी

Ads

Neha Marvya IAS Controversy: आईएएस नेहा मारव्या का 50 दिन के भीतर दूसरी बार तबादला, अफसरों के ग्रुप में बयां किया दर्द, कहा- कर्मचारियों ने दी थी ट्रांसफर करवाने की धमकी

  •  
  • Publish Date - September 6, 2026 / 02:36 PM IST,
    Updated On - September 6, 2026 / 02:38 PM IST

Neha Marvya IAS Controversy: आईएएस नेहा मारव्या का 50 दिन के भीतर दूसरी बार तबादला, अफसरों के ग्रुप में बयां किया दर्द, कहा- कर्मचारियों ने दी थी ट्रांसफर करवाने की धमकी / Image: Instagram

HIGHLIGHTS
  • IAS अधिकारी नेहा मारव्या का 50 दिन के भीतर दूसरी बार ट्रांसफर
  • कर्मचारियों पर तबादला करवाने की धमकी देने का आरोप
  • अधिकारियों के संगठन से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने जैसे मुद्दों पर भी सवाल उठाए

भोपाल: Neha Marvya IAS Controversy मध्यप्रदेश में प्रशासनिक अफसरों के तबादले का दौर लगातार जारी भी है। कल यानि 5 सितंबर को भी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अफसरों का तबादला आदेश जारी किया गया, जिसमें 11 अधिकारियों का नाम शामिल है। कल जारी आदेश में एक ऐसे अफसर का नाम भी शामिल है, जिसका ट्रांसफर महज 50 दिन पहले ही हुआ था। 50 दिन के भीतर ​जिस अफसर का दूसरी बार तबादला हुआ है वो कोई और नहीं बल्कि 2011 बैच की अफसर नेहा मारव्या हैं। वहीं, तबादला आदेश जारी होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि आदेश जारी होने के बाद नेहा मारव्या ने बगावती तेवर अपना लिया है।

IAS नेहा मारव्या ने बयां किया दर्द

Neha Marvya IAS Controversy तबादले के बाद IAS नेहा मारव्या ने अफसरों के ग्रुप में अपना दर्द बयां करते हुए एक पोस्ट लिखा है। नेहा मारव्या ने अपने पोस्ट में लिखा है कि ”वह समझती हैं कि IAS अधिकारी होने के नाते सरकार उन्हें जहां चाहे वहां पदस्थ कर सकती है और उन्होंने हमेशा सरकारी आदेशों का सम्मान किया है। लेकिन इस बार का तबादला उन्हें बेहद हतोत्साहित करने वाला लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके अधीनस्थ कर्मचारियों ने उनके खिलाफ विरोध खड़ा किया और उन्हें तबादला करवाने की धमकी तक दी। नेहा के मुताबिक, उन्होंने इस कथित अनुशासनहीनता, फाइलें रोके जाने और दुर्व्यवहार की शिकायत की थी। उनका सवाल था कि जब शिकायत उन्होंने की तो कार्रवाई का सामना उन्हें ही क्यों करना पड़ा? उन्होंने लिखा कि यदि अधीनस्थ कर्मचारी किसी अधिकारी के खिलाफ संगठित होकर उसका तबादला करवा सकते हैं, तो इससे पूरी प्रशासनिक व्यवस्था में क्या संदेश जाएगा?

50 दिन के भीतर दूसरी बार हुआ तबादला

IAS नेहा मारव्या ने अपने छोटे कार्यकाल पर सवालिया निशान लगाते हुए लिखा है कि किसी अधिकारी को नई जिम्मेदारी संभालने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली और कामकाज समझने में ही समय लगता है, लेकिन उनका कार्यकाल लगातार छोटा होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक वह अपना काम और जिम्मेदारी समझ पाती हैं, तब तक उन्हें हटा दिया जाता है। ऐसे में वह प्रभावी तरीके से काम कैसे कर पाएंगी? नेहा ने अपनी पोस्ट में कहा कि उन्होंने लंबे समय तक किनारे किए जाने और पर्याप्त काम नहीं मिलने के बावजूद धैर्य रखा। उन्हें उम्मीद थी कि परिस्थितियां बदलेंगी, लेकिन अब स्थिति और खराब हो गई है। उनका आरोप है कि अब अधीनस्थ कर्मचारी उन्हें धमकाने तक लगे हैं। पोस्ट के अंत में उन्होंने व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हर बार षड्यंत्र करने वाले जीत जाते हैं और वह हार जाती हैं।

14 साल की नौतरी में नहीं मिली फिल्ड पोस्टिंग

बता दें कि इससे पहले भी अलग-अलग पदस्थापना के दौरान उनके कार्यकाल और अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ मतभेद चर्चा में रहे हैं। डिंडोरी कलेक्टर के तौर पर उनकी पोस्टिंग भी लंबे समय तक नहीं चली। उन्होंने 14 साल की नौकरी में फील्ड पोस्टिंंग नहीं होने को लेकर भी अपना दर्द सोशल मीडिया पर शेयर किया था। जिसके बाद उन्होंने डिंडोरी कलेक्टर की जिम्मेदारी मिली थी। इससे पहले शिवराज सरकार में राजस्व विभाग में उनकी पोस्टिंग होने पर उन्होंने तत्कालीन सीएमओ में पदस्थ प्रमुख सचिव पर उनको काम नहीं देने के आरोप लगाए थे।

अधिकारियों के संगठन को लेकर जताई नाराजगी

नेहा की पोस्ट में IAS अधिकारियों के संगठन को लेकर भी नाराजगी दिखाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि संगठन केवल शुभकामनाओं और बधाई संदेशों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे मामलों में भी अधिकारियों की समस्याओं पर विचार करेगा। हालांकि, उनकी पोस्ट के बाद ग्रुप में उन्हें अपेक्षित सार्वजनिक समर्थन नहीं मिला। बताया जा रहा है कि कुछ रिटायर्ड अधिकारियों ने उन्हें तबादलों के साथ-साथ अपने कामकाज और व्यवहार का भी आत्ममंथन करने की सलाह दी। अपने पोस्ट के आखिर में नेहा मारव्या ने लिखा कि यदि अधीनस्थों के विरोध के बाद किसी अधिकारी का तबादला हो जाता है तो यह केवल उनका मामला नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि आज वह निशाने पर हैं, कल कोई दूसरा IAS अधिकारी भी ऐसी स्थिति का सामना कर सकता है।

ये भी पढ़ें

IAS नेहा मारव्या का 50 दिन में दूसरी बार तबादला क्यों चर्चा में है?

मध्य प्रदेश सरकार के 5 सितंबर को जारी तबादला आदेश में नेहा मारव्या का नाम शामिल है। बताया जा रहा है कि उनका इससे पहले भी करीब 50 दिन पहले तबादला हुआ था, जिसके चलते इतने कम समय में दूसरी बार ट्रांसफर चर्चा का विषय बन गया।

IAS नेहा मारव्या ने तबादले के बाद क्या कहा?

नेहा मारव्या ने अधिकारियों के एक ग्रुप में पोस्ट लिखकर कहा कि वह सरकार के तबादला आदेश का सम्मान करती हैं, लेकिन इस बार का ट्रांसफर उनके लिए बेहद हतोत्साहित करने वाला है। उन्होंने अपने तबादले की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए हैं।

नेहा मारव्या ने अधीनस्थ कर्मचारियों पर क्या आरोप लगाए?

अपनी पोस्ट में नेहा मारव्या ने आरोप लगाया कि उनके कुछ अधीनस्थ कर्मचारियों ने उनके खिलाफ विरोध खड़ा किया और उन्हें तबादला करवाने की धमकी दी। उन्होंने कथित अनुशासनहीनता और दुर्व्यवहार की शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई खुद पर होने को लेकर सवाल उठाया।

नेहा मारव्या ने अपने कार्यकाल को लेकर क्या चिंता जताई?

उन्होंने कहा कि नई जिम्मेदारी संभालने के बाद किसी अधिकारी को विभाग और कामकाज को समझने में समय लगता है। लेकिन लगातार छोटे कार्यकाल के कारण उन्हें प्रभावी ढंग से काम करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहा है।

IAS नेहा मारव्या ने अधिकारियों के संगठन को लेकर क्या कहा?

नेहा मारव्या ने अपनी पोस्ट में IAS अधिकारियों के संगठन से भी नाराजगी जताई। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि संगठन केवल बधाई और शुभकामना संदेशों तक सीमित न रहकर अधिकारियों की पेशेवर समस्याओं और ऐसे मामलों पर भी विचार करेगा।