Nida Khan Arrested: धर्म परिवर्तन मामले में निदा खान गिरफ्तार, इतने दिनों से थी फरार, जानिए कंपनी के आड़ में कैसे चल रहा था पूरा खेल

Nida Khan Arrested: धर्म परिवर्तन मामले में निदा खान गिरफ्तार, इतने दिनों से थी फरार, जानिए कंपनी के आड़ में कैसे चल रहा था पूरा खेल

Nida Khan Arrested: धर्म परिवर्तन मामले में निदा खान गिरफ्तार, इतने दिनों से थी फरार, जानिए कंपनी के आड़ में कैसे चल रहा था पूरा खेल

Nida Khan Arrested/Photo Credit: Social Media

Modified Date: May 8, 2026 / 03:29 pm IST
Published Date: May 8, 2026 3:28 pm IST
HIGHLIGHTS
  • नासिक धर्म परिवर्तन मामले में फरार निदा खान गिरफ्तार
  • अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद पुलिस ने तेज की थी तलाश
  • बुर्का और सोशल मीडिया कंटेंट से जुड़े सबूत मिलने का दावा

Nida Khan Arrested: महाराष्ट्र के नासिक में धर्म परिवर्तन मामले में फरार निदा खान को पुलिस ने धरदबोचा है। बताया जा रहा है कि निदा खान 25 दिनों से पुलिस को चकमा दे रही थी जिसे छत्रपति संभाजी नगर जिले के नारेगांव इलाके से गिरफ्तार किया गया है।

आपको बता दें कि इससे पहले 27 अप्रैल को निदा खान की अग्रिम जमानत अर्जी पर नासिक कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने जोरदार बहस की थी। सरकारी वकीलों ने SIT द्वारा जांच के दौरान मिले चौंकाने वाले सबूत रखे कि कैसे निदा खान ने पीड़ित लड़की को दूसरे धर्म के तौर तरीके सिखाकर धर्म बदलने की साजिश रची थी।

मामले में पीड़िता ने 26 मार्च को एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें निदा खान, दानिश शेख और तौसिफ अत्तार को आरोपी बनाया था। शिकायत में धर्म परिवर्तन के प्रयास, धार्मिक भावनाएं आहत करने, दो समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने के आरोप लगाए गए थे।

निदा की तलाश में बार बार छापेमारी

एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने अगले ही दिन 27 मार्च को दानिश शेख और तौसिफ अत्तार को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि निदा खान फरार हो गई थी। जिसकी नासिक पुलिस की एसआईटी लगातार तलाश कर रही थी। पुलिस टीमों ने नासिक स्थित उसके घर, भिवंडी में ससुराल, मुंबई के भेंडी बाजार में रिश्तेदारों के ठिकानों, मुंब्रा स्थित पति के घर समेत कई जगहों पर छापेमारी की।

रिश्तेदारों के साथ फ्लैट में छुपी थी

इस बीच निदा खान ने 17 अप्रैल को नासिक रोड कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दाखिल किया। 20 अप्रैल और 27 अप्रैल को इस मामले की बंद कमरे में सुनवाई हुई। आखिरकार 2 मई को अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश और तेज कर दी।
पुलिस को 7 मई को सूचना मिली कि निदा खान छत्रपति संभाजी नगर के कैसर कॉलोनी स्थित एक फ्लैट में अपनी मौसी और अन्य रिश्तेदारों के साथ छिपी हुई है। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

कंपनी के आड़ में चल रहा था पूरा खेल

सरकारी पक्ष के वकीलों ने अदालत को बताया था कि निदा खान और अन्य आरोपियों ने टीसीएस के अंदर जूनियर कर्मचारियों को धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया था। इसके लिए उन्हें बुर्का उपलब्ध कराया गया और इस्लाम से जुड़ी एक धार्मिक किताब भी दी गई थी।

बताया गया कि निदा खान पीड़िता को अपने घर ले जाती थी, जहां उन्हें नमाज़ पढ़ने के तरीके, हिजाब और बुर्का पहनने की ट्रेनिंग दी जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि धर्म परिवर्तन के बाद पीड़ितों का नाम बदलने की योजना थी। पुलिस जांच के दौरान पीड़ितों के मोबाइल फोन से कई इस्लामिक रील्स, यूट्यूब लिंक और इंस्टाग्राम पोस्ट भी बरामद हुए है।

कैसे हुआ मामले का खुलासा?

इस पूरे प्रकरण की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई थी, जब एक राजनीतिक कार्यकर्ता ने नासिक पुलिस से शिकायत की थी, कि निजी कंपनी में कार्यरत हिंदू महिला रमजान के दौरान रोजे रख रही है। जांच के तहत पुलिस ने महिला कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग कर्मचारी बनाकर कंपनी में भेजा, इन अधिकारियों ने कंपनी के भीतर की गतिविधियों की निगरानी की और कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाए। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने सात पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार कर लिया, जबकि निदा खान नाम की एक आरोपी फरार थी।

वही आज पुलिस ने फरार आरोपी निदा खान को छत्रपति संभाजी नगर जिले के नारेगांव इलाके से पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उसे संभाजी नगर की अदालत में पेश किया गया। जहां आज उसे कोर्ट में पेश किया जाना है।

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