इंदौर
खजराना सिविल अस्पताल 6 साल से सिर्फ कागज़ों में ज़िंदा!
न इमारत, न ज़मीन… फिर भी 87 कर्मचारियों की तैनाती!
जिस अस्पताल का वजूद नहीं, वहां आज भी ट्रांसफर और पोस्टिंग जारी!
16 जून को देवास की रीना चौहान वास्कले का इंदौर किया ट्रांसफर
देवास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से इंदौर के CH अस्पताल किया ट्रांसफर
देवास से हुआ खुलासा-यह अस्पताल केवल रिकॉर्ड में चालू
कागज़ों में अस्पताल, ज़मीन पर सन्नाटा… जवाबदेह कौन?
बिना अस्पताल के स्टाफ पर सरकारी खर्च, सिस्टम पर बड़े सवाल!
खजराना अस्पताल का सच… व्यवस्था की बड़ी पोल खुली!
अस्पताल नहीं, फिर भी नियुक्तियां और तबादले… आखिर किसके लिए?
इलाज नहीं, लेकिन पूरा सरकारी सेटअप सक्रिय!
खजराना अस्पताल मामला… स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल।