Dr Mohan Yadav Budget Speech: ‘देश के किसी राज्य का यह पहला ‘रोलिंग बजट’.. आने वाले दो सालों के विकास का रोडमैप तैयार’.. पढ़ें क्या कहा CM डॉ मोहन यादव ने

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Dr Mohan Yadav Budget Speech: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश का पहला रोलिंग बजट पेश किया, कृषि और उद्योग को प्रमुख प्राथमिकता।

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  • Publish Date - February 18, 2026 / 02:09 PM IST,
    Updated On - February 18, 2026 / 02:09 PM IST

Dr Mohan Yadav Budget Speech || Image- dr mohan yadav twitter

HIGHLIGHTS
  • पहला रोलिंग बजट, दो साल का रोडमैप
  • कृषि के लिए 1.15 लाख करोड़ प्रावधान
  • द्वारका योजना और स्कूलों में दूध वितरण

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे देश का पहला “रोलिंग बजट” बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक साल का नहीं, बल्कि आगामी दो वर्षों के विकास का खाका है। (Dr Mohan Yadav Budget Speech) वर्ष 2026–27 के लिए 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वर्ष कृषि को समर्पित है और किसान कल्याण के लिए 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि रखी गई है।

‘यह बजट ज्ञान आधारित’ : CM डॉ मोहन यादव

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य 30 प्रतिशत की विकास दर के साथ आगे बढ़ रहा है और पूंजीगत व्यय का बेहतर प्रबंधन किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तेज गति से विकास कर रहा है। यह बजट ज्ञान आधारित है और इसमें ‘आई फॉर इंडस्ट्रीज’ को भी जोड़ा गया है, जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह बजट समृद्ध, सुखद, संपन्न और सांस्कृतिक मध्यप्रदेश के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में अहम कदम है।

‘द्वारका योजना’ की शुरुआत

मुख्यमंत्री ने बताया कि गांवों के मंजरे-टोलों तक सड़कों के विस्तार के लिए 21,630 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही ‘द्वारका योजना’ नाम से नई योजना शुरू की गई है, जिसके लिए 5,000 करोड़ रुपये रखे गए हैं। (Dr Mohan Yadav Budget Speech) इसके अलावा स्कूलों के बच्चों को टेट्रा पैक में दूध उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई है।

‘जनता से विश्वासघात वाला बजट’ : कमलनाथ

वही इस पूरे बजट पर प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के नेता कमलनाथ ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। कमलनाथ ने इस बजट पर ‘एक्स’ पोस्ट करते हुए इसे जनता से विश्वासघात करने वाला बजट बताया है।

कमलनाथ ने अपने ‘एक्स’ पर लिखा, मध्य प्रदेश सरकार का आज का बजट जनता से विश्वासघात वाला बजट है। वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने आज जो बजट पेश किया है उसमें सिर्फ बातों के बताशे बनाए गए हैं और जनहित का मुद्दा पूरी तरह सफाचट है।

नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की जनता और मतदाताओं से जो प्रमुख वादे किए थे, वह सारे वादे ढाई साल बाद भी वित्त मंत्री के बजट भाषण से ग़ायब दिखाई दिए। (Dr Mohan Yadav Budget Speech) प्रदेश के किसानों, नारी शक्ति, नौजवानों और सभी वर्गों से किए गए चुनावी वादों को बजट में कोई स्थान नहीं दिया गया।

विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश की जनता से जो चार प्रमुख वादे किए थे, वह इस प्रकार हैं:
👉किसानों को धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3100 रुपया प्रति क्विंटल
👉किसानों को गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2700 रुपया प्रति क्विंटल
👉लाड़ली बहन योजना में महिलाओं को प्रति महीने 3 हज़ार रुपया
👉घरेलू गैस सिलेंडर 450 रुपये में।

भारतीय जनता पार्टी ने अपनी इन चारों घोषणाओं को बजट में कोई स्थान नहीं दिया और स्पष्ट कर दिया है कि यह सरकार जनविरोधी है, जनता से विश्वासघात करने वाली है और वादा-खिलाफी इसका स्वभाव है। इस बजट से मध्य प्रदेश की जनता को भारी निराशा हुई है।

इसके अलावा वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि पिछले बजट में जो घोषणाएं की गई थीं, उनको पूरा क्यों नहीं किया गया।

वित्त मंत्री ने यह भी नहीं बताया कि आख़िर केंद्र सरकार से अगले पाँच साल में मिलने वाले करों की हिस्सेदारी में 50 हज़ार करोड़ रुपये की कमी पर सरकार की क्या रणनीति है। (Dr Mohan Yadav Budget Speech) इसके अलावा केंद्र और राज्य के सहयोग से चलने वाली योजनाओं में चालू वित्त वर्ष में मध्य प्रदेश को केंद्र सरकार की ओर से कई हज़ार करोड़ की राशि का भुगतान नहीं किया गया।

इन विभिन्न पहलुओं को देखते हुए साफ़ समझ में आता है कि मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार प्रदेश की जनता के हित को ध्यान में नहीं रख रही है और केंद्र सरकार की कठपुतली के रूप में प्रदेश की जनता के हित को केंद्र के हाथों में गिरवी रख दिया है।

इन्हें भी पढ़ें:-

Q1. रोलिंग बजट क्या है?

यह बजट केवल एक साल का नहीं, बल्कि दो वर्षों का विकास खाका है।

Q2. कृषि के लिए कितनी राशि रखी गई?

किसान कल्याण हेतु 1.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक प्रावधान किया गया।

Q3. द्वारका योजना में क्या शामिल है?

गांवों के मंजरे-टोलों तक सड़क विस्तार के लिए 5,000 करोड़ रुपये रखे गए।