Chhattisgarh Digital Kisan Kitab: छत्तीसगढ़ में डिजिटल किसान किताब और ऋण पुस्तिका का भव्य शुभारंभ, अब राजस्व व्यवस्था होगी पूरी पारदर्शी, मंत्री वर्मा बोले- ऐतिहासिक कदम..

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Chhattisgarh Digital Kisan Kitab: छत्तीसगढ़ में डिजिटल किसान किताब और ऋण पुस्तिका का भव्य शुभारंभ, अब राजस्व व्यवस्था होगी पूरी पारदर्शी, मंत्री वर्मा बोले- ऐतिहासिक कदम..

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  • Publish Date - February 18, 2026 / 01:56 PM IST,
    Updated On - February 18, 2026 / 01:58 PM IST

Chhattisgarh Digital Kisan Kitab/Image Source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • डिजिटल किसान किताब और ऋण पुस्तिका का शुभारंभ
  • तकनीक-सक्षम राजस्व व्यवस्था की ओर बड़ा कदम
  • अब हर लेन-देन होगा तकनीक-सक्षम और सुरक्षित

रायपुर: Chhattisgarh Digital Kisan Kitab: छत्तीसगढ़ में आज डिजिटल शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने आज निवास कार्यालय में डिजिटल किसान किताब का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उमेश कुमार पटेल और श्रीकांत वर्मा द्वारा लिखित छत्तीसगढ़ भू-अभिलेख नियमावली भाग 1से 4 पुस्तक का भी विमोचन किया गया। यह पहल राज्य के किसानों और भूमिधारकों को आधुनिक, सरल और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। इस अवसर पर संचालक भू अभिलेख विनीत नन्दनवार सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

डिजिटल किसान किताब और ऋण पुस्तिका का शुभारंभ (CG Bhulekh Rules)

Chhattisgarh Digital Kisan Kitab: डिजिटल किसान किताब अब पारंपरिक मैन्युअल किसान किताब का स्थान लेगी। इसके माध्यम से किसानों को अपनी भूमि संबंधी जानकारी कभी भी और कहीं से भी ऑनलाइन प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा भुइया पोर्टल पर B-1 एवं P-II रिपोर्ट के साथ उपलब्ध रहेगी, जिसे किसान आसानी से देख और डाउनलोड कर सकेंगे। डिजिटल प्रणाली में आवश्यक विवरण स्वतः अपडेट होते रहेंगे, जिससे जानकारी संशोधन के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता समाप्त होगी। साथ ही, संबंधित पटवारी द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाणित प्रति उपलब्ध होने से दस्तावेजों की वैधता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

इस अवसर पर मंत्री वर्मा ने कहा कि डिजिटल ऋण पुस्तिका केवल एक तकनीकी नवाचार नहीं, बल्कि राजस्व व्यवस्था को पारदर्शी, सशक्त और नागरिक-केन्द्रित बनाने की दिशा में ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है, जहाँ बड़ी संख्या में किसान अपनी आजीविका के लिए भूमि पर निर्भर हैं। अब ऋण पुस्तिका से संबंधित जानकारी ऑनलाइन और वास्तविक समय में उपलब्ध होने से किसानों को बैंक ऋण, फसल ऋण एवं शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सहूलियत होगी।

तकनीक-सक्षम राजस्व व्यवस्था की ओर बड़ा कदम (Digital Land Records CG)

Chhattisgarh Digital Kisan Kitab: मंत्री ने बताया कि डिजिटल प्रणाली से त्रुटियों में कमी आएगी, अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित होगी और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक सरल एवं प्रभावी बनेगी। यह पहल “डिजिटल छत्तीसगढ़” की अवधारणा को मजबूती प्रदान करेगी तथा शासन और नागरिकों के बीच विश्वास को और सुदृढ़ बनाएगी। उन्होंने राजस्व विभाग, NIC तथा परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों और तकनीकी टीम को बधाई देते हुए नागरिकों से अपील की कि वे इस डिजिटल सुविधा का अधिकतम उपयोग करें। डिजिटल किसान किताब और डिजिटल ऋण पुस्तिका का शुभारंभ छत्तीसगढ़ में राजस्व सुधारों की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और राज्य को डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा।

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"डिजिटल किसान किताब" का मुख्य उद्देश्य क्या है?

डिजिटल किसान किताब का उद्देश्य किसानों को उनकी भूमि संबंधी जानकारी ऑनलाइन और वास्तविक समय में उपलब्ध कराना है, ताकि बैंक ऋण, फसल ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से लिया जा सके।

"डिजिटल भू-अभिलेख नियमावली" कहां उपलब्ध होगी?

यह नियमावली और संबंधित जानकारी भुइया पोर्टल और जिला पंजीयन कार्यालयों के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध होगी।

"डिजिटल किसान किताब" से क्या लाभ होंगे?

इससे किसानों को भूमि अभिलेख में पारदर्शिता, दस्तावेजों की वैधता, त्रुटियों में कमी, और प्रशासनिक प्रक्रिया की सरलता सुनिश्चित होगी।