Nirmala Sitharaman Budget Reply / SCREENGRAB
Nirmala Sitharaman Budget Reply नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आम बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए सरकार का विज़न स्पष्ट किया। उन्होंने बुनियादी ढांचे (Infrastructure), युवाओं के रोजगार और राज्यों को दिए जाने वाले फंड जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा। वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए बजट सुधारों के रास्ते पर चल रही है।
वित्त मंत्री ने कहा कि इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दी गई है ताकि माल की आवाजाही (Logistics) को सुगम और सस्ता बनाया जा सके। इसके लिए वॉटरवेज और परिवहन के अन्य साधनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार MSME क्षेत्र के साथ मजबूती से खड़ी है और छोटे उद्योगों के लिए क्रेडिट (ऋण) की सीमा बढ़ाई गई है ताकि उन्हें व्यापार में आसानी हो।
Nirmala Sitharaman Budget 2026 युवाओं और रोजगार के मुद्दे पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा की देश में 5 रीजनल मेडिकल हब बनाए जाएंगे, जिससे मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और लगभग 1 लाख नई नौकरियां पैदा होंगी, सरकार 1.5 लाख केयर गिवर्स को तैयार करने की योजना पर काम कर रही है, मेडिकल क्षेत्र को एक ‘टूरिज्म हब’ के रूप में विकसित करने से मेडिकल एजुकेशन को भी नई ऊंचाई मिलेगी।
विपक्ष द्वारा राज्यों को पैसा न दिए जाने के आरोपों पर सीतारमण ने कड़ा रुख अपनाया।Nirmala Sitharaman Budget Reply उन्होंने कहा राज्यों का ग्रांट बढ़ाकर 17.1 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। फाइनेंस कमीशन ने भी पुष्टि की है कि केंद्र की ओर से राज्यों को पैसा सही तरीके से भेजा गया है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि संविधान सरकार को सेस और सरचार्ज वसूलने का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि यह पैसा केंद्र अपने पास नहीं रखता, बल्कि राज्यों में स्कूल, अस्पताल और विकास कार्यों के लिए ही खर्च किया जाता है।
सरकार केवल नए उद्योगों ही नहीं, बल्कि पुराने व्यवसायों को भी संरक्षण दे रही है। वित्त मंत्री ने कहा कि फिशरीज और एनिमल हस्बेंड्री को बढ़ावा देना सरकार की प्रतिबद्धता है, जिससे किसानों और इस क्षेत्र से जुड़े कामगारों को सीधा लाभ पहुंचेगा। वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि बजट की रणनीति बाजार में कैपिटल को बढ़ावा देने और पारदर्शिता लाने की है, ताकि हर नागरिक को पता चल सके कि उनका पैसा कहाँ खर्च हो रहा है।