सरकार के 12 वर्ष: कुल निर्यात में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़कर 2025-26 में 49 प्रतिशत

सरकार के 12 वर्ष: कुल निर्यात में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़कर 2025-26 में 49 प्रतिशत

सरकार के 12 वर्ष: कुल निर्यात में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़कर 2025-26 में 49 प्रतिशत
Modified Date: June 16, 2026 / 01:53 pm IST
Published Date: June 16, 2026 1:53 pm IST

नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) भारत के कुल निर्यात में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी 2014-15 के 33.8 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 48.8 प्रतिशत हो गई है।

यह वृद्धि आईटी क्षेत्र के तेज विस्तार, वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) में बढ़ोतरी और वैश्विक महामारी के बाद सेवाओं की डिजिटल आपूर्ति की ओर बदलाव के कारण हुई है।

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सेवा निर्यात 2014-15 के 158.1 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 421.3 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।

आंकड़ों के मुताबिक, देश का कुल निर्यात (वस्तु व सेवाएं मिलाकर) 2014-15 के 468 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 863 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।

सेवा निर्यात में पिछले 12 वर्षों में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। केवल 2020-21 में कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण इस पर असर पड़ा।

कुल सेवा निर्यात में 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी के साथ सॉफ्टवेयर सेवाएं प्रमुख वृद्धि चालक बनी हुई हैं। पेशेवर एवं प्रबंधन परामर्श दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता बनकर उभरा।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘ पिछले 12 वर्षों में सेवा निर्यात में 9.3 प्रतिशत की वार्षिक दर दर्ज की गई है।’’

वस्तु निर्यात भी 2014-15 के 310 अरब डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 442 अरब डॉलर हो गया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों को सूचीबद्ध करते हुए मंत्रालय ने कहा कि व्यापार सुगमता के लिए कई कदम उठाए गए हैं।

इनमें 47 प्रक्रियाओं का सरलीकरण, स्वचालित एफटीपी (विदेश व्यापार नीति) प्रक्रियाएं, आयातक-निर्यातक कोड (आईईसी) का स्वत: सत्यापित रूप से जारी होना और निर्यात प्रोत्साहन मिशन की शुरुआत शामिल है।

भाषा निहारिका

निहारिका


लेखक के बारे में